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स्टाफ के अभाव में नहीं मिल पाई बेहतर चिकित्सा सुविधा

पलवल: वर्ष 2017 स्वास्थ्य विभाग में सुविधाओं व परेशानियों की दृष्टि से मिला जुला रहा। पलवल के नागरिक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड सेवाओं को और अधिक सुविधाजनक बनाया गया तथा सीटी स्कैन सेंटर की भी शुरुआत हुई। अस्पताल में मानसिक रोगियों के उपचार के लिए अलग से यूनिट स्थापित किए जाने की योजना पर कार्य शुरू हुआ। आयुष विभाग व यूनानी पद्धति से उपचार की सुविधाओं में भी पहले से काफी इजाफा हुआ।

आपातकालीन सुविधाओं में भी खासा इजाफा हुआ और निजी अस्पतालों की तर्ज पर पलवल के नागरिक अस्पताल में मिनी आईसीयू की स्थापना की गई। अस्पताल में कई प्रकार के ऑपरेशनों की भी सुविधा शुरू की गई। गांव सोंदहद में नए बने भवन में सीएचसी का शुभारंभ किया गया। दुधौला के सीएपसी के नए भवन का भी शुभारंभ हुआ। पलवल के नागरिक अस्पताल परिसर में नर्सिंग ट्रे¨नग स्कूल के भवन का भी सीएम मनोहर लाल ने विधिवत उद्घाटन कर दिया। नागरिकों को भी राजकीय स्वास्थ्य सेवाओं में विश्वास बढ़ता दिखा।

जहां सुविधाओं में इजाफा हुआ, वहीं कई प्रकार की असुविधाएं तथा बेकायदगियां भी सामने आती रहीं। गांव ¨मडकौला के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में मोमबत्ती की रोशनी में महिला की प्रसुति करानी पड़ी। अलावलपुर की सीएचसी में लाईट न होने का मामला मुख्यमंत्री मनोहर लाल के खुले दरबार में भी उठा, जिस पर सीएम ने खासी नाराजगी भी जताई तथा संबंधित अधिकारियों को फटकार भी लगी। एंबुलेंस सुविधा की फजीहत होती दिखी तथा कई बार गर्भवती महिलाओं को डग्गामार एंबुलेसों के चलते परेशानी का सामना करना पड़ा।

नर्सिंग ट्रे¨नग स्कूल के भवन का तो उदघाटन हुआ, लेकिन उसमें स्टाफ की नियुक्ति नहीं हा पाई। वर्ष का अंत आते-आते मेवाथ अलाउंस में गलत तरीके से धन निकासी के मामले में सिविल सर्जन डा. आदित्य स्वरूप गुप्ता सहित तीन उप सिविल सर्जनों को निलंबन की कार्रवाई से भी गुजरना पड़ा।