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पंचकूला की गोशाला में अब रोज तैयार होंगे 8 सिलेंडर

पंचकूला : माता मनसा देवी गोशाला गोधाम में शुक्रवार को गोबर गैस प्लाट का नींव पत्थर रखा गया। इस प्लाट का निर्माण हिंदुस्तान पेट्रोलियम की ओर से किया जाएगा। पंचकूला की डिप्टी कमिश्नर गौरी पराशर जोशी ने इस गोबर गैस प्लाट का नींव पत्थर रखा और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी के प्रबंधकों को 26 जनवरी से पहले इसका निर्माण कार्य पूरा करने के लिए कहा। रोजाना प्लाट से 6 से 8 सिलेंडर तैयार होंगे।

गोधाम के प्रधान कुलभूषण गोयल ने बताया कि यह पंचकूला का पहला गोबर गैस प्लाट होगा। इसके निर्माण पर 35 लाख रुपये खर्च होंगे। यह सारा खर्च हिंदुस्तान पेट्रोलियम कंपनी उठाएगी। इसका निर्माण बेंगलुरु बेस्ड कंपनी सायोटैक के सहयोग से किया जा रहा है। गोबर गैस प्लाट का निर्माण करने से पहले देश के कुछ अन्य प्लाट को स्टडी किया गया। इनमें से खरड़ का प्लाट भी विजिट किया गया। इस प्लाट में लगी टेक्नोलॉजी को उपयुक्त पाया गया। पंचकूला की इस गोशाला में लगने वाला गोबर गैस प्लाट खरड़ के प्लाट से कुछ अलग हैं। खरड़ में गैस बनाने का टैंक अंडरग्राउंड बनाया गया है, जबकि पंचकूला का प्लाट जमीन से ऊपर बनाया जा रहा है। यह प्लाट लगने के बाद रोजाना करीब आठ से दस सिलेंडर गैस बनने लगेगी। सर्दियों के मुकाबले गर्मियों में गोबर गैस ज्यादा बनती है।

गोशाला में इस समय करीब 1400 से ज्यादा गाय हैं। गोबर से गैस बनने के बाद बचने वाले वेस्ट से कंपोस्ट खाद तैयार की जाएगी। इस ऑर्गेनिक खाद की ऑर्गेनिक फार्मिग में काफी डिमाड है। खासतौर पर हिमाचल प्रदेश में सेब के बागों में ऑर्गेनिक खाद की ज्यादा माग है।