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श्यता शून्य, ठहरा जन-जीवन, राष्ट्रीय राजमार्ग पर टकराए आधा दर्जन वाहन

कुरुक्षेत्र :चौधरी चरण ¨सह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के पूर्व प्रोफेसर एवं वरिष्ठ सब्जी विशेषज्ञ डॉ. सीबी ¨सह ने बताया कि धुंध से मटर व टमाटर की ग्रोथ प्रभावित होगी। पहले भी बारिश एवं ठंड से मटर व टमाटर को नुकसान पहुंच चुका है। किसान धुंध से सब्जी को बचाने के लिए पराली व तिरपाल ढकें। इसके साथ गोभी ग्रोथ भी प्रभावित होगी।

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गेहूं के लिए फायदेमंद

जिला कृषि उपनिदेशक डॉ. कर्मचंद का कहना है कि जिले में 1.18 लाख हेक्टेयर रकबे में गेहूं की बुआई की गई है। धुंध व ठंड गेहूं के लिए फायदेमंद हैं। किसान गेहूं में मौसम की अनुकुलता के अनुसार ¨सचाई करें। इसके साथ ही कीटनाशक दवाई का छिड़काव भी सायं के समय करें। सुबह समय धुंध ज्यादा होने के कारण फसल पर असर कम होता है।

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पशुओं का ठंड से बचाव जरूरी

पशुपालन विभाग के जिला उपनिदेशक डॉ. धर्मेंद्र ¨सह का कहना है कि ठंड से बचाव जरूरी है। इस समय पशुओं में ऊर्जा कम हो जाती है, इसलिए आहार में सूखे चारे के साथ खाद्य पदार्थ की मात्रा बढ़ाई जाए। ठंड के मौसम में पशुपालकों को पशुओं के आवास प्रबंधन पर विशेष ध्यान दें। पशुशाला के दरवाजे व खिड़कियों पर बोरे लगाकर सुरक्षित करें। जहां पशु विश्राम करते हैं वहां पुआल, भूसा, पेड़ों की पत्तियां बिछाना जरूरी है। ठंड में ठंडी हवा से बचाव के लिए पशु शाला के खिड़कियों, दरवाजे तथा अन्य खुली जगहों पर बोरी टांग दें। सर्दी के मौसम में पशुओं को संतुलित आहार देना चाहिए। सर्दी में पशुओं को सुबह नौ बजे से पहले और शाम को पांच बजे के बाद पशुशाला से बाहर न निकालें। ठंड के मौसम में पशुपालन करते समय पशुओं को जरूरत से ज्यादा दलहनी हरा चारा जैसे बरसीम व अधिक मात्रा में अन्न व आटा, बचा हुआ बासी भोजन खिलाने के कारण यह रोग होता है। दूषित वातावरण व बंद कमरे में पशुओं को रखने के कारण और संक्रमण से यह रोग होता है। रोग ग्रसित पशुओं की आंख व नाक से पानी गिरने लगता है।

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धुंध के कारण टकराए कई वाहन

शाहाबाद : बृहस्पतिवार को पड़े कोहरे के कारण जीटी रोड जाम हो गया और यातयात प्रभावित रहा। वाहन रेंग रेंग कर चलते रहे। बड़ी संख्या में ट्रक ढाबों पर रूक रहे। कोहरे के कारण कई वाहन दुर्घटनाग्रस्त हुए। कोहरे के कारण हुए सड़क हादसे के कारण गांव कल्याणा निवासी दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे प्राथमिक उपचार के बाद एलएनजेपी भेजा गया। इसी प्रकार कई अन्य वाहन भी टकरा गए लेकिन जानमाल की हानि नहीं हुई। हालांकि शाहाबाद के मारकंडा मंदिर के पास नये पुल का रास्ता और अंबाला की तरफ से आते हुए प्रवेश पुल का रास्ता हादसा ग्रस्त क्षेत्र हैं। जहां हर समय घटना का भय बना रहता है। हेल्पर्स के प्रधान तिलक राज अग्रवाल ने मांग की कि यहां पर सर्दी के दिनों में यातायातकर्मी तैनात किया जाए ताकि किसी तरह का हादसा न हो सके।धुंध से जन-जीवन ठहर गया। राष्ट्रीय राजमार्ग पर धुंध के चलते दर्जनों वाहन आपस में टकराए जबकि कई रेलगाड़ियां निर्धारित की देरी से पहुंचीं। धुंध के चलते वाहन रेंग-रेंगकर चले और ठंड से बचने के लिए लोगों ने अलाव का सहारा लिया। सुबह के समय दृश्यता शून्य रही। सुबह 11 बजे तक वाहन 20 से 30 की स्पीड पर चले।

दोपहर 12 बजे सूर्य देवता के दर्शन जरूर हुए, लेकिन शीत लहर एवं ठंड से राहत नहीं मिली। हालांकि कोहरा दोपहर तक छाया रहा और सड़कों पर जाम सा माहौल रहा। जगह-जगह पर लोग हाथ सेंकते नजर आए।