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भूकंप की सूचना पर लघु सचिवालय में दौड़ना तो दूर लपके भी नहीं अधिकारी

यमुनानगर : तीन दिन से भूकंप से बचाव की मॉक ड्रिल करना ¨ढढोरा पीट रहा था। उसके बाद भी संजीदगी नजर नहीं आई। भूकंप आने की सूचना पर अनाज मंडी में खड़े बचाव दल सदस्य व अधिकारी दौड़ना तो दूर की बात लपके भी नहीं। बचाव दल में शामिल दमकल केंद्र के कर्मियों ने तीसरी मंजिल में फंसे कर्मियों को नीचे उतारा। इस दौरान दल में महिला कर्मियों की कमी नजर आई। एक साथ पांच जगहों पर मॉक ड्रिल की गई। यह सब कुछ पहले से ही प्लान था।

बता दें कि बचाकर लाए गए कर्मी को एंबुलेंस में तैनात चिकित्सकों ने उसे प्राथमिक उपचार देने की बजाए सिविल अस्पताल रेफर कर दिया। इसके बाद सभी कर्मियों को पहले प्राथमिक उपचार दिया गया। उसके बाद सिविल अस्पताल में भेजा गया। एक एंबुलेंस से स्ट्रेचर को बाहर निकालते समय वह फंस गया। उसको बाहर निकालने में थोड़ी देर लग गई। इनकी कार्रवाई को देखकर सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए जिले में अधिकारी व कर्मचारी कितने तैयार हैं।मौजूदा संसाधन भी ठीक नहीं है। यहां खड़ी एंबुलेंस का सायरन तीन बार रुका। ऐसे में सड़क पर चलते वक्त हादसे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। लोगों का कहना है कि जब तीन दिन की तैयारी में यह हाल है घटना सच्ची होती तब क्या होता।

काल्पनिक प्राकृतिक आपदा में घायल हुए दो युवकों को रेडक्रास की ओर से लगाए गए स्वयंसेवी संस्था ने आधे घंटे देरी से पानी दिया, जबकि जायजा लेने पहुंचे विधायक यमुनानगर को आते ही पानी दिया गया। यहां भी अधिकारी अपने नंबर बनाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी। इसके बाद सभी अधिकारियों से उन्होंने बातचीत की और स्थिति का जायजा लिया।