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एसएफआई ने दिया धरनारत किसानों की मांगों को समर्थन

स्टूडेंटफेडरेशन ऑफ इंडिया ने लघु सचिवालय में धरनारत किसानों को समर्थन देने की घोषणा की है। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों को लागू करवाने कर्जा माफी की मांग को लेकर किसान पिछले 23 दिनों से धरने पर हैं। एसएफआई की जिलाध्यक्ष रितु ने मौजूदा सरकार को किसान छात्र विरोधी करार दिया। उन्होंने कहा कि सरकार जो भी नीतियां बना रही है, वह बड़े उद्योगपतियों के हित के लिए बना रही है। उन्होंने एसएफआई की ओर से समर्थन देने का ऐलान किया। इस मौके पर किसान नेता कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया ने कहा कि पहली बार देश का किसान संगठित होकर अपनी मांग पर डटा है। सरकार ज्यादा देर तक किसानों की अनसुनी नहीं कर सकती। मंगलवार को किसान कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया, धर्मवीर गोदारा, भूप सिंह, वेदपाल औलख, हरफूल हांडीखेड़ा अनशन पर रहे। किसान नेता विकल पचार ने कहा कि किसान वर्ग कर्जा से दबकर तंगहाली का जीवन जीने को मजबूर है, लेकिन सरकार किसानों की ओर ध्यान देने को तैयार नहीं है। किसानों में सरकार के खिलाफ रोष बढ़ता जा रहा है। इस मौके पर धरनारत किसानों में प्रकाश ममेरां, कंवरभान, हवा सिंह, नेकीराम एसएफआई के पदाधिकारी महक भारती, खुश्बू, रूबी, संगम, प्रियंका शामिल रहे। 

सिरसा। लघुसचिवालय में धरनारत किसान अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करते हुए।