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सायरन बजते ही राहत के लिए दौड़े अधिकारी

झज्जर : बृहस्पतिवार को भूकंप की तैयारियों को लेकर जिला में 6 स्थानों पर मॉक ड्रिल की गई। 10 बजे शुरू हूटर बजा तो पूरा अमला इधर-उधर भागता नजर आया। दल राहत एवं बचाव कार्य में जुटे रहे। जिन लोगों को मॉक ड्रिल की जानकारी नहीं थी। वे सकते में थे। प्राकृतिक आपदा के समय संसाधनों को परखने, मैन पॉवर को जांचने और पब्लिक के मूड को भांपने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल के दौरान विभिन्न विभागों की टीमों ने बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया। खास तौर पर वॉलंटियर की भूमिका निर्वाह कर युवाओं ने पूरी मॉक ड्रिल में बेहतर कार्य करते हुए अपनी बढि़या उपस्थिति दर्ज कराई।

उपायुक्त सोनल गोयल ने बताया कि भूकंप की आपदा से निपटने के लिए आयोजित मॉक ड्रिल में भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के समय कैसे पीड़ितों व प्रभावित लोगों को कम से कम समय में चिकित्सा मुहैया करवाने, फंसे लोगों को निकालने, राहत व बचाव तत्पर उपलब्ध कराने जैसे कार्यो का अभ्यास किया गया। मॉक ड्रिल को सफल बनाने के लिए सभी संबंधित विभागों ने पूरे समन्वय से कार्य किया। मेगा मॉक डिल के दौरान सैन्य अधिकारी कैप्टन पारथा राय की अगुवाई में सेना की आपदा प्रबंधन में दक्ष टीम पर्यवेक्षक के रूप में उपस्थित रही। पहले से चयनित छह स्थानों पर सुबह दस बजे आपदा का सायरन बजते ही यह ड्रिल शुरू हुई।

जहांआरा बाग स्टेडियम में राहत व चिकित्सा शिविर बनाया गया । जबकि संवाद भवन में आपदा नियंत्रण कक्ष बनाया गया। भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में राहत शिविर से तुरंत राहत टीमें भेजी गई। पूरे प्रभावित क्षेत्र की निगरानी के लिए ड्रोन कैमरे भी नजर रखे हुए थे। ताकि सभी प्रभावित लोगों को तत्काल मदद दी जा सके। झज्जर में लघु सचिवालय, दिल्ली गेट पर इंडो अमेरिकन स्कूल, गुरूग्राम रोड पर सुमन सीटी तथा शहर में एडवांटा अस्पताल में मॉक ड्रिल हुई। वहीं, बहादुरगढ़ के रिहायशी क्षेत्र ओमेक्स सहित एचपीसीएल गैस प्लांट में दो स्थानों पर आपदा प्रबंधन की। उपायुक्त सोनल गोयल ने स्वयं मॉक ड्रिल के निर्धारित किए गए स्थानों का मौके पर जायजा लिया। आपदा का सायरन बजते ही उपायुक्त आपदा प्रबंधन नियंत्रण कक्ष पंहुची और पूरी स्थिति का आकंलन लिया , फिर बाग जहांआरा स्टेडियम में राहत व चिकित्सा शिविर का जायजा लिया। इस उपरांत उपायुक्त बहादुरगढ़ में एचपीसीएल गैस प्लांट आसौदा में पहुंचकर मेगा मॉक ड्रिल का जायजा लिया।

उपायुक्त ने मॉक ड्रिल के उद्देश्य से अवगत कराते हुए कहा कि हमारी आपदा की स्थिति में क्या तैयारियां हैं, कैसे हम जान-माल की सुरक्षा कर सकते हैं और ऐसी स्थिति में राहत कार्य कैसे किए जाएं, पूरी प्रक्रिया को मॉक ड्रिल के माध्यम से करते हुए हर स्तर पर परिपूर्ण रहते हुए कार्य करने की बात कही। मॉक ड्रिल की समीक्षा करते हुए प्रशासनिक स्तर पर किए जाने वाले प्रबंधों पर भी समीक्षा की जाएगी। ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की आपदा के दौरान पूरी तैयारी के साथ संबंधित विभाग कार्य करें। मेगा ड्रिल में प्रशासन के साथ -साथ पूर्व सैनिकों, एनएनसी केडेट्स, होम गार्डस, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, रोटरी क्लब सहित अनेक सामाजिक संगठनों ने अपना सहयोग दिया। उपायुक्त ने सभी संगठनों को इस ड्रिल में भागीदार बनने पर धन्यवाद किया।

उल्लेखनीय है कि मेगा ड्रिल में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों व अन्य लोगों को पहले ट्रे¨नग दी गई थी जिसका मॉक ड्रिल में अच्छा परिणाम देखने को मिला। मॉक ड्रिल के दौरान एएसपी लोकेंद्र ¨सह व एसडीएम बेरी संजय राय, एसडीएम झज्जर रोहित यादव, डीआरओ मनबीर सांगवान, डीडीपीओ विशाल कुमार सहित जिला के सभी आलाधिकारी इस ड्रिल में शामिल हुए।