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शहर में आया भूकंप, सेना व अधिकारियों ने 42 लोगों की बचाई जान

 हिसार : शहर में बृहस्पतिवार को अचानक जबरदस्त भूकंप आ जाता है। इसमें चार लोगों की मौत हो गई। सेना व अधिकारियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए रेसक्यू आपरेशन चलाते हुए 42 लोगों की जान बचाई। घबराएं नहीं..यह नजारा था शहर में होने वाली मेगा मॉक ड्रिल का। बृहस्पतिवार सुबह जैसे ही दस बजे, शहर में पांच स्थानों पर सायरन बजने लगे तो सुनकर हर वह व्यक्ति आश्चर्य में पड़ गया, नहीं पता था कि आज प्रशासन द्वारा शहर में भूकंप की मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है। यह सायरन उसी के तहत अलर्ट के तौर पर बजाए जा रहे हैं।

लघु सचिवालय में सायरन बजते ही दफ्तरों में मौजूद अधिकारी-कर्मचारी तुरंत लघु सचिवालय के सामने बने पार्क में पहुंचे। यहां उपायुक्त निखिल गजराज ने कर्मचारियों को जानकारी दी कि शहर में भूकंप आने पर उन्हें किस प्रकार अपने आप का बचाव करते हुए भवन से बाहर निकलकर तुरंत खुले स्थान पर पहुंचना चाहिए।

शहर में पांच स्थानों पर भूकंप जैसा माहौल बनाकर राहत व बचाव अभियान चलाया जाएगा। भूकंप जैसी स्थितियों में बचाव अभियान के लिए सभी विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों की ड्यूटी आपदा प्रबंधन कानून में पहले से ही निर्धारित की गई, जिसके संबंध में सभी को पूर्व में अवगत करवाते हुए प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया है। उपायुक्त निखिल गजराज ने सभी को निर्धारित जिम्मेदारी के तहत बचाव अभियान चलाने के संबंध में आवश्यक हिदायतें दीं। यहां तक कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खुद और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज अंबाला में बैठकर इस मॉक ड्रिल की वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये समीक्षा करते रहे। यहां तक की हिसार में होने वाली मॉक ड्रिल का भी उन्होंने जायजा लिया और उपायुक्त से बातचीत की।

भूकंप आने के 20 मिनट के अंदर बनाया ईओसी

भूकंप आने की घोषणा के 20 मिनट बाद जिला सभागार में ईओसी (एमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर) स्थापित किया गया जहां उपायुक्त निखिल गजराज, पुलिस अधीक्षक मनीषा चौधरी, सिटीएम शालिनी चेतल सहित सभी विभागों के अध्यक्ष पहुंचे। यहां पहुंचकर उपायुक्त ने एक्ट के तहत निर्धारित रिसपॉन्सिबल ऑफिसर के रूप में अपनी भूमिका के तहत अतिरिक्त उपायुक्त एएस मान को इंसीडेंट कमांडर, पुलिस अधीक्षक को सुरक्षा अधिकारी, सिटीएम को लाइज¨नग ऑफिसर, डीआइपीआरओ को मीडिया को-ऑर्डिनेटर नियुक्त करते हुए तुरंत प्ला¨नग, लोजिस्टिक व ऑपरेशन की शाखाओं का गठन किया। उपायुक्त ने महाबीर स्टेडियम को स्टे¨जग एरिया बनाते हुए सभी विभागों को क्रेन, जेसीबी, टैक्टर-ट्रालियां, ट्रक, एंबुलेंस व अन्य उपकरण यहां भिजवाने के निर्देश दिए। स्टे¨जग एरिया के लिए उन्होंने एसडीएम परमजीत चहल को नोडल अधिकारी नियुक्त किया। उपायुक्त ने सेक्टर-15 के सामुदायिक केंद्र को राहत शिविर के रूप में प्रयोग करने के निर्देश दिए। इसके पश्चात सभी अधिकारी अपनी जिम्मेदारियां निर्वहन में जुट गए।

मोबाइल व टेलीफोन ठप, सेना व एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

भूकंप की तीव्रता काफी अधिक थी जिसके कारण मोबाइल व टेलीफोन नेटवर्क ठप हो गए हैं। उन्होंने डिस्ट्रिक्ट रेडियो ऑफिसर तथा पुलिस विभाग को अपने वायरलेस उपकरण चालू करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मुख्य चिकित्सा अधिकारी तुरंत घायलों के उपचार की व्यवस्था करवाए तथा जरूरत पड़ने पर निजी अस्पतालों की मदद ले। उन्होंने सेना, एनसीसी व एनडीआरएफ की टुकड़ियां बुलाकर जल्द राहत अभियान शुरू करवाने के आदेश जारी किए।