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दस्ताने पहनकर नेत्रहीन कर सकेंगे पढ़ाई

फरीदाबाद के युवा वैज्ञानिक रूपम शर्मा ने अपने अविष्कार से ब्रेल लिपि का ऐसा तोड़ निकाला है जिससे नेत्रहीन एक सामान्य व्यक्ति की तरह किताब, अखबार या अन्य पठनीय सामग्री पढ़ सकेंगे। उन्होंने एक दस्ताना बनाया है। इसे पहनकर जैसे ही पन्ने पर लिखित सामग्री पर उंगली रखी जाएगी, वह उसे पढ़कर बोलना शुरू कर देगा। यह दस्ताना उन्हें हर पठनीय सामग्री को पढ़ने में सक्षम बना देगा। इस आविष्कार के लिए भारत सरकार ने उन्हें राष्ट्रीय युवा पुरस्कार 2017 के लिए चुना है। 12 जनवरी को राष्ट्रपति रामनाथ को¨वद उन्हें जयपुर में पुरस्कृत करेंगे। यह पुरस्कार पाने वाले वे हरियाणा से अकेले हैं।

सेक्टर-49 निवासी रूपम शर्मा ने मानव रचना यूनिवर्सिटी से कंप्यूटर साइंस में बीटेक किया है। कॉलेज में उन्हें किसी ने कहा कि जो छात्र पढ़ाई के साथ आविष्कार में भी रुचि लेते हैं, उन्हें नौकरी मिलने की संभावनाएं बढ़ जाती हैं। इसलिए उन्होंने कॉलेज का इनोवेशन सेंटर ज्वाइन किया। यहां से उनकी ऐसी रुचि जागी कि आविष्कार को ही अपने जीवन का उद्देश्य बना लिया।

कलर ब्लाइंडनेस पर बात करते समय आया आइडिया : रूपम शर्मा बताते हैं कि वे अपने दोस्त से कलर ब्लाइंडनेस पर बात कर रहे थे, तब उनके मन में आया कि जिन्हें कोई भी रंग नहीं दिखता उनकी ¨जदगी कैसी होगी। नेत्रहीनों की समस्याओं को नजदीक से जानने के लिए उन्होंने 15 दिन राष्ट्रीय अंध विद्यालय दिल्ली में बिताए। उन्हें पता चला कि नेत्रहीनों के पास पढ़ने के लिए केवल ब्रेल लिपि ही एक विकल्प है। 80 फीसद नेत्रहीन इस लिपि को सीख ही नहीं पाते। वहीं से ऐसा दस्ताना बनाने का विचार आया, जो लिखे हुए को पढ़कर बोले। करीब दो साल की कड़ी मशक्कत के बाद उन्हें कामयाबी मिली। उनके दस्ताने का अंग्रेजी भाषा के पाठन में सफल प्रयोग किया जा चुका है। अब वे ¨हदी सहित अन्य भाषाओं पर इसका प्रयोग कर रहे हैं। दस्ताने की उंगली पर इंटेलिजेंट कैमरा लगा है, जोकि लिखे हुए को पढ़कर बोलता है। रूपम का दावा है कि पूरी दुनिया में यह अपनी तरह का पहला आविष्कार