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भूकंप के झटकों से सहमा शहर, शवों से भरा जिला नागरिक अस्पताल

 अंबाला शहर : बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे राजकीय ब्वॉयज आइटीआइ, एडीसी कार्यालय और सिटी प्लाजा सहित जिला नागरिक अस्पताल के भवन को भूकंप के झटकों ने धराशायी कर दिया। अफरा-तफरी के बीच जैसे-तैसे डॉक्टर और अन्य स्टाफ अस्पताल से बाहर निकला। बचाव दल को बुलाकर शव व घायलों को बाहर निकलाने का काम शुरू कर दिया गया। ट्रामा सेंटर के बाहर वैकल्पिक अस्पताल तैयार किया गया। ऑपरेशन थियेटर से लेकर ओपीडी तक सब कुछ ट्रॉमा सेंटर परिसर में लगवाया गया। ट्रामा सेंटर की पार्किग से सारे वाहनों को हटवाया दिया गया। घटनास्थलों से शवों को मलबे से निकालने के साथ घायल मरीजों को जिला नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां पहले से तैयार टीम ने हर मरीज को इलाज उपलब्ध कराया। इसके लिए चार अलग-अलग जोन बनाए गए थे। सबसे पहले मरीज को ट्राईएज एरिया में पहुंचाया गया, जहां पर डाक्टरों की टीम ने मरीज की स्थिति देखने के बाद उसे रेड, यलो और ग्रीन अलग-अलग जोन में भेजकर उसे प्राथमिक उपचार दिया। रेड जोन में भेजे गए मरीजों के लिए मोबाइल ऑपरेशन थियेटर की भी व्यवस्था कराई गई। सामान्य मरीजों को ग्रीन जोन में भेजने के साथ-साथ उपचार देकर घर भेज दिया गया।

चौंकिए नहीं, यह वास्तविक भूकंप के झटके नहीं थे, बल्कि भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदा के दौरान जान-माल की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जा सकती है और क्या-क्या सावधानियां जरूरी हैं के लिए मेगा मॉक ड्रिल का नजारा था। मेगा मॉक ड्रिल में प्रशासन और पुलिस के सभी अधिकारी व अन्य टीमों ने उसी तरह से बचाव कार्यो का प्रदर्शन किया जैसा भूकंप आने की वास्तविक स्थिति में प्रशासन द्वारा किया जाना होता है।