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भूकंप से बचाव हेतू लोगों को जागरूक करने के लिए मैगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया

राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग तथा जिला प्रशासन द्वारा आज भूकंप से बचाव राहत हेतू लोगों को जागरूक करने के लिए मैगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। इस मैगा मॉक ड्रिल में लघु सचिवालय प्रशासनिक केंद्र, पदमा सिटी मॉल, नहर कालोनी, जिला अस्पताल, कमेटी चौक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कैथल के पांच स्थानों को मॉक ड्रिल के लिए चुना गया। मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल ने अंबाला से प्रदेश के सभी उपायुक्तों से वीडियो कांफ्रैंस के माध्यम से मॉक ड्रिल की रिपोर्ट ली तथा स्थानीय पुलिस लाईन स्थित स्टेजिंग एरिया एवं पदमा सिटी मॉल में चल रहे राहत व बचाव कार्य का अवलोकन किया। 

उपायुक्त एवं आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र की रिस्पोंसिबल अधिकारी श्रीमती सुनीता वर्मा, पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी, अतिरिक्त उपायुक्त एवं इंसीडेंट कमांडर कैप्टन शक्ति सिंह तथा सेना के कैप्टन गौरव फोगाट ने आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र से प्रात: 10 बजे भूकंप का सायरन बजने के साथ ही मॉक ड्रिल के तहत की जाने वाली विभिन्न गतिविधियों का संचालन किया तथा जरूरी दिशा-निर्देश दिए। सुबह 10 बजे लघु सचिवालय से भूकंप की सूचना के लिए सायरन बजाया गया, जिसके बाद लघु सचिवालय स्थित सभी कार्यालयों के अधिकारी व कर्मचारी अपने-अपने कार्यालयों से तुरंत बाहर निकलकर सचिवालय के पार्किंग जोन में एकत्रित हुए। लघु सचिवालय के द्वितीय तल पर आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र स्थापित किया गया, जिसमें वायरलैस सूचना तंत्र की सुविधा जुटाई गई। भूकंप जैसी आपदा से मोबाईल व लैंडलाईन सूचना तंत्र प्रभावित होता है। इस केंद्र में इन पांचों स्थलों पर भारी तबाही की सूचना प्राप्त होने पर राहत बचाव हेतू योजना तैयार की गई। 

इस केंद्र से वायरलैस सैट के माध्यम से 12 पुलिस राईडरों को विभिन्न कार्यालयों में भूकंप की सूचना देने हेतू दिशा-निर्देश दिए गए। इन राईडरों के संबंधित कार्यालयों में पहुंचते ही इन विभागों की क्विक रिस्पोंस टीमें स्टेजिंग एरिया के लिए रवाना हुई। आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र में उपायुक्त श्रीमती सुनीता वर्मा ने पुलिस अधीक्षक आस्था मोदी तथा इंसीडेंट कमांडर कैप्टन शक्ति सिंह के साथ विभिन्न पांच स्थानों पर भूकंप से हुए नुकसान की रिपोर्ट लेकर तुरंत विशेष योजना तैयार की। सभी बचाव टीमों को संसाधनों सहित स्टेजिंग एरिया में एकत्रित किया गया। इन टीमों में रास्ता साफ करने हेतू जेसीबी, आग बुझाने हेतू अग्निशमन वाहन, एंबुलैंस, मलबा हटाने के लिए ट्रैक्टर-ट्राली, विभिन्न मूलभूत सेवाओं से संबंधित कर्मचारी, लगभग 200 पुलिस एवं गृहरक्षी जवान, बसें व अन्य वाहन तथा स्वयं सेवक शामिल थे। 

इंसीडेंट कमांडर कैप्टन शक्ति सिंह ने स्टेजिंग एरिया पुलिस लाईन में पहुंचकर सभी पांचों इंसीडेंट रिस्पोंस टीमों के प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने इन टीमों में शामिल पुलिस बल तथा स्वयं सेवकों को भी हिदायतें दी। मौके पर मौजूद संसाधनों को पांचों इंसीडेंट रिस्पोंस टीमों के प्रभारियों के नेतृत्व में भूकंप प्रभावित स्थलों हेतू राहत व बचाव कार्य के लिए रवाना किया गया। उपमंडलाधीश कमलप्रीत कौर को पदमा सिटी मॉल हेतू इंसिडेंट रिस्पोंस टीम प्रभारी, गुहला के नायब तहसीलदार दिलावर को कमेटी चौक स्थित राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के लिए इंसिडेंट रिस्पोंस टीम प्रभारी, नहर कॉलोनी के लिए कैथल के खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सुमित कुमार, सामान्य अस्पताल के लिए नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी विक्रम सिंह तथा लघु सचिवालय हेतू ईटीओ शिव कुमार को इंसिडेंट रिस्पोंस टीम का प्रभारी नियुक्त किया गया था। इन सभी इंसिडेंट रिस्पोंस टीम प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में जान माल के नुकसान की पूरी रिपोर्ट तैयार करके आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र में जमा करवाई। 

इंसीडेंट कमांडर कैप्टन शक्ति सिंह ने इंसीडेंट रिस्पोंस टीम प्रभारियों से घटना स्थल की जानकारी देने के उपरांत दो स्थानों पर भेजी गई टीमों को ज्यादा प्रभावित अन्य क्षेत्रों में भेजने के निर्देश दिए। इन क्षेत्रों में निर्धारित स्थलों की बजाए ज्यादा नुकसान होने की सूचना प्राप्त हुई थी। स्थानीय जाट कालेज के मैदान में राहत शिविर स्थापित किया गया, जहां पर भूकंप से प्रभावित क्षेत्रों से लोगों को सुरक्षित निकालकर लाया गया। इस शिविर में सभी मूलभूत सुविधाएं जुटाई गई थी। सभी पांचों भूकंप से प्रभावित स्थलों पर मैडिकल पोस्ट, एंबुलैंस आदि की व्यवस्था की गई थी तथा पुलिस बल के जवानों ने इन स्थलों की घेराबंदी करके लोगों के प्रवेश करने पर पाबंदी लगाई गई, जिससे राहत व बचाव कार्य सही तरीके से चलाया गया। यातायात पुलिस द्वारा संबंधित सडक़ से यातायात को डाईवर्ट किया। राहत एवं बचाव टीमों द्वारा घायल व मृत होने की भूमिका अदा कर रहे स्वयं सेवकों को स्ट्रेचर से बाहर निकाला गया।

आपातकालीन ऑपरेशन केंद्र में मौजूद अधिकारियों में वन उप संरक्षिका हैरतजीत कौर, उपमंडलाधीश श्रीमती कमलप्रीत कौर, जगदीप सिंह, नगराधीश सुशील कुमार, कैप्टन गौरव फोगाट, डीएसपी एवं सुरक्षा अधिकारी तरूण सैनी, जिला राजस्व अधिकारी दलीप सिंह, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी दीपक खुराना, अनुसंधान अधिकारी शब्द दयाल शामिल रहे।