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जांच के लिए भेजे जाएंगे दाल के सैंपल

सिरसा : पीले-गुलाबी राशनकार्ड धारकों को सस्ती दर पर बेची जाने वाली दाल में उपभोक्ताओं की रुचि नहीं है। इसलिए अकेले सिरसा जिले में 96 हजार 929 किलो दाल नहीं बंट पाई है। पिछले तीन महीनों से यह दाल डिपोधारकों के पास ही पड़ी है।

अब इस दाल का सैंपल लैब जांच के लिए भेजा गया है। जांच की रिपोर्ट पर ही दाल का भविष्य तय होगा। रिपोर्ट सही आई तो इसे उपभोक्ताओं को पुन: वितरित किया जा सकता है। रिपोर्ट नेगेटिव आने पर इसे वापस भेज दिया जाएगा।

गौरतलब है कि सरकार द्वारा पीले व गुलाबी राशनकार्ड धारकों को 20 रुपये प्रति किलो की दर पर दाल दी जा रही थी। उपभोक्ताओं को अनेक बार तीन-तीन महीने की दाल एकमुश्त दी गई। विभाग द्वारा उपभोक्ताओं को दी जाने वाली मसूर की दाल को सिरसा जिला में कम पसंद किया गया। यही वजह रही कि मांग न होने के चलते 96 हजार 929 किलो दाल नहीं बिक पाई।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग द्वारा राशन वितरण के लिए अपनाई गई उच्च तकनीक के चलते दाल की कालाबाजारी भी नहीं हो पाई। ऐसे में बिना बिकी हुई दाल डिपूओं और गोदाम में खराब होने की स्थिति में पहुंच गई।