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बिल की अदायगी को लेकर बिजली निगम और नपा में ठनी

बिजली वितरण निगम द्वारा नगर पालिका को 1 करोड़ 15 हजार 29 हजार 191 रुपये के बिल अदायगी नोटिस के जवाब में अब नगर पालिका ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए निगम को कोर्ट में खसीटने का भी मन बना लिया है। निगम द्वारा 31 दिसंबर को नपा की बिजली सप्लाई बंद करने के अल्टीमेटम के जवाब में नपा ने पुराना चिट्ठा खोलते हुए निगम पर करोड़ों रुपये की अदायगी का नोटिस भेजा है। ऐसे में दोनों ही सरकारी महकमों ने एक दूसरे पर बिल की रिकवरी का नोटिस भेज डाला। एक ने बिजली सप्लाई काटने का अल्टीमेटम दे डाला तो दूसरे ने कोर्ट में खसीटने की चेतावनी दे डाली।

बुधवार को नपा की अहम बैठक हुई। बिजली निगम से आए बिजली के करीब 1 करोड़ 15 ला ा 29 हजार 191 रुपये की रिकवरी नोटिस के जवाब में पालिका ने भी निगम को हाऊस टैक्स, बि¨ल्डग टैक्स व यूनिसिपल टैक्स चुकाने का नोटिस जारी किया है। पालिका ने टैक्स ना चुकाने की एवज में कोर्ट का दरवाजा खटखटाने का निर्णय लिया है। इसके जवाब में नपा के कर्मचारी बिजली निगम से टैक्स की राशि की वसूली के लिए फाइले खंगाल रहे हैं।

पाई-पाई का हिसाब लेगी नपा

नपा प्रधान अशोक ¨सगला ने बताया पालिका बिजली निगम से टैक्स की पाई-पाई का हिसाब लेगी। चाहे इसके लिए उन्हें कोर्ट में भी जाना पडे़ तो वे पीछे नहीं हटेंगे। ¨सगला ने बताया कि साल 2011 से अब तक निगम का हाऊस टैक्स का 38 लाख रुपये बकाया है। नपा कर्मचारी अभी भी साल 2011 से पहले की फाइलें चेक कर रहे हैं। इसके अलावा पालिका की हद में बिजली बेचने पर निगम को पांच पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से म्युनिसिपल टैक्स चुकाना होता है और निगम यह टैक्स उपभोक्ताओं से वसूल भी कर रहा है। लेकिन आज तक निगम ने पालिका को यह टैक्स नहीं चुकाया है। जोकि अब तक करोड़ो में पहुंच चुका है।