# बयान से पलटे करणी सेना प्रमुख ,पद्मावत देखने से इंकार         # अमेरिका में शटडाउन खत्म, राष्ट्रपति ट्रंप ने साइन किए बिल         # दिल्ली: राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल आज, कई जगह मिल सकता है जाम         # सेंसेक्स की डबल सेंचुरी, पहली बार 36000 के पार, निफ्टी ने भी रचा इतिहास         # सीलिंग के विरोध में दिल्ली के सभी बाजार आज रहेंगे बंद         # भारत-पाक बॉर्डर पर तनाव के बीच जम्मू कश्मीर में LOC के आर - पार बस सेवा फिर शुरू         # मिजोरम में शरण लिए म्यांमार के 1400 लोगों का देश लौटने से इनकार         # हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को देना होगा दहेज नहीं लेने का शपथ पत्र         # हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को पार्टी फंड के लिए नोटिस         # दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, हल्की बारिश से ठंड की वापसी        
News Description
बिजली बिल भरने के लिए 343 काउंटर बनाए, उपभोक्ताओं को फीडबैक देने में विफल

करनाल जिले के करीब 3.90 लाख बिजली उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए शुरू की गई ई-पे योजना सिरदर्द बनती जा रही है। बिजली निगम ने उपभोक्ताओं को उन्हीं के आसपास बिजली बिल जमा करवाने के लिए जिले में 343 काउंटर बनाए हैं। यह काउंटर जिले के 281 गांवों में किरयाणा शॉप, बुक शॉप व मोबाइल कम्यूनिकेशन पर खोले गए हैं। इन काउंटरों पर बिजली का बिल तो जमा किया जा रहा है, लेकिन बिजली बिल भरने के बाद कन्फर्मेशन के लिए उपभोक्ताओं को यहां भी चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नियम के मुताबिक बिल जमा होने के बाद उपभोक्ता के मोबाइल पर बिल जमा होने के बाद एसएमएस करना होता है। लेकिन उपभोक्ताओं के मोबाइल पर यह एसएमएस नहीं आ रहे हैं। उपभोक्ता इस बात को लेकर परेशान रहते हैं कि उनका बिल जमा हुआ है या नहीं इसमें संदेह है। हालांकि बिजली निगम ने तर्क दिया है कि संबंधित उपभोक्ताओं के मोबाइल नंबर एकत्रित किए जा रहे हैं। इस बारे में कंपनी अधिकारियों को भी निर्देशित किया जा रहा है। निगम ने ई-पे इन्फोसेट प्रा. लिमिटेड कंपनी से किया टाइअप किया हुआ है।

क्या है योजना

उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम ने बिल जमा करवाने को लेकर बिजली मुख्यालय, सब डिवीजन स्तर पर उपभोक्ताओं की लाइन को देखते हुए ई-पे योजना शुरू की थी। इस योजना के अंर्तगत हर गांव में वेंटर यानि किरयाणा, मोबाइल या बुक शॉप जो 10 से 12 घंटे खुलती हो उसको काउंटर अलाट किए गए। यहां पर बिजली का बिल जमा करवाने का प्रावधान है।

बिजली बिल में करेक्शन को लेकर होते हैं झगड़े

योजना के मुताबिक इन काउंटरों पर सिर्फ वही बिल जमा हो सकते हैं जिसमें कोई करेक्शन ना हो। जो बिल निगम की ओर से आया है वही जमा होगा, लेकिन पूरी जानकारी नहीं होने के कारण उपभोक्ता भी बिल में करेक्शन की मांग को लेकर झगड़ा करते हैं। हालांकि उनको बिल ठीक करवाने के लिए कार्यालय में जाने की सलाह दी जाती है।

जिले में 3.90 लाख हैं उपभोक्ता

बिजली निगम के पूरे जिले में 3.90 लाख उपभोक्ता हैं। जिनको बिजली बिल भरने की सुविधा के लिए इस योजना को शुरू किया था। शुरूआत में महज 10 गांवों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कार्य किया गया। जब योजना का रिस्पोंस आया तो शहर सहित 281 गांवों में 343 काउंटर बना दिए गए। लेकिन यदि यही रिस्पोंस रहा तो यह काउंटर सफेद हाथी साबित हो सकते हैं।

वर्जन

बिजली निगम के अधीक्षक अभियंता अश्वनी रहेजा का कहना है कि हमारी प्राथमिकता यही है कि उपभोक्ता परेशान ना हो। बिजली संबंधी सभी सेवाएं निर्बाध मिले। एसएमएस ना मिलने की शिकायतें हमारे पास आई हैं, इस संबंध में कंपनी अधिकारियों से भी बातचीत की गई है। कई जगह लोग अपना मोबाइल नंबर देने को तैयार नहीं होते। धीरे-धीरे सभी उपभोक्ताओं का डाटा एकत्रित कर लिया जाएगा। बिजली बिल जमा करवाते ही उनको एसएमएस भेजा जाएगा।