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भूकंपों का वर्ष होगा 2018, आर्मी के साथ आज प्रशासन की परीक्षा

पानीपत : नए साल 2018 में भूकंप की संभावनाओं को देखते हुए आर्मी व पानीपत प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से बृहस्पतिवार को मेगा मॉक ड्रिल का आयोजन किया जाएगा। प्रशासन इसके माध्यम से प्राकृतिक आपदाओं के प्रति स्थानीय तैयारियों की समीक्षा भी करेगा। शहर में पांच जगहों पर मॉक ड्रिल की व्यवस्था की गई है।

भूगर्भ वैज्ञानिकों के मुताबिक वर्ष 2018 जलजला (भूकंप) का वर्ष होगा। पृथ्वी की घूमने की गति (रोटेशन स्पीड) कम होने से भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाएं ज्यादा आने का अनुमान लगा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा से निपटने के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार अभी से सतर्क हो गई है। आर्मी को साथ लेकर मेगा मॉक ड्रिल का रिहर्सल करने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। पानीपत सहित हरियाणा के 21 जिलों में प्रशासन की देखरेख में रिहर्सल होगा। कड़ाके की ठंड केबावजूद सुबह 10 बजे का समय निर्धारित किया गया है। हूटर बजने के साथ ही भूकंप आने की स्थिति में बिल्डिंग खाली कराया जाएगा। संसाधन इक्टठे कर प्रशासन राहत व बचाव कार्य में जुट जाएगा। लघु सचिवालय के अतिरिक्त सिविल अस्पताल, एनएफएल, मित्तल मेगा मॉल और लघु सचिवालय समालखा में मेगा मॉक ड्रील होगा। लघु सचिवालय के पास ही स्टेजिंग एरिया बनाया गया है। पहले यह सेक्टर 13-17 सेक्टर में बनाया गया था।

मेगा मॉक ड्रिल में राहत व बचाव के दौरान सैन्य अधिकारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण होती है। पानीपत में कैप्टन रॉकी के नेतृत्व में तीन सैन्य अधिकारी पानीपत प्रशासन के साथ सहयोग करेंगे। बचाव के दौरान किन मुख्य बिंदुओं पर गौर करने की जरूरत होती है वो अफसरों को बताएंगे