# बयान से पलटे करणी सेना प्रमुख ,पद्मावत देखने से इंकार         # अमेरिका में शटडाउन खत्म, राष्ट्रपति ट्रंप ने साइन किए बिल         # दिल्ली: राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल आज, कई जगह मिल सकता है जाम         # सेंसेक्स की डबल सेंचुरी, पहली बार 36000 के पार, निफ्टी ने भी रचा इतिहास         # सीलिंग के विरोध में दिल्ली के सभी बाजार आज रहेंगे बंद         # भारत-पाक बॉर्डर पर तनाव के बीच जम्मू कश्मीर में LOC के आर - पार बस सेवा फिर शुरू         # मिजोरम में शरण लिए म्यांमार के 1400 लोगों का देश लौटने से इनकार         # हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को देना होगा दहेज नहीं लेने का शपथ पत्र         # हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को पार्टी फंड के लिए नोटिस         # दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, हल्की बारिश से ठंड की वापसी        
News Description
डिपो धारकों के विरुद्ध दर्ज होगी एफआइआर

पानीपत : स्टॉक पहुंचे बिना पीओएस मशीन से चीनी का वितरण दिखाने वाले 20 राशन डिपो संचालकों के विरुद्ध बुधवार को भी विभागीय अधिकारी एफआइआर दर्ज नहीं करा सके। उप पात्रों के लिखित बयान होंगे, जिनके नाम पर चीनी वितरण हुई। इसके बाद मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। इधर, राशन डिपो संचालकों ने पीओएस मशीन खराब बताकर लघु सचिवालय में विभाग के विरुद्ध नारेबाजी की।

 जिले के 20 राशन डिपो संचालकों ने चीनी का स्टॉक पहुंचने से पहले ही लगभग 40 किलोग्राम चीनी का वितरण राशन कार्ड धारकों के नाम दिखा दिया। इनमें चांदनीबाग थाना, सदर थाना, सनौली थाना व अन्य क्षेत्रों के डिपो होल्डर शामिल हैं। डीएफएससी अनिता खर्ब ने आरोपी डिपो संचालकों के विरुद्ध पीडीएस एक्ट व ईसी एक्ट के सेक्शन 60, 10 व 55 के तहत कार्रवाई कराने की जिम्मेदारी एएफएसओ इंद्रसिंह संधु को सौंपी। एसपी राहुल शर्मा, डीएसपी जगदीप दुहन के कार्यालय सहित चांदनी बाग व सदर थाना भटकने के बाद भी वह मुकदमा दर्ज कराने में नाकाम रहे। इधर, मुकदमा दर्ज होने के डर से बुधवार की सुबह 20 से ज्यादा राशन डिपो के संचालक डीएफएससी कार्यालय पहुंचे और अपने-अपने ढंग से मौखिक स्पष्टीकरण दिया। बाहर आने पर विभाग के विरुद्ध नारेबाजी भी की। डीएफएससी ने सभी निरीक्षकों-उप निरीक्षकों की बैठक बुलाकर निर्देश दिए कि जिन कार्ड धारकों के नाम पर चीनी वितरण हुई है, उनके बयान भी दर्ज किए जाएं।

सभी डिपो धारकों को नोटिस देकर, स्पष्टीकरण मांगे जाने की तैयारी है। जांच टीम में शामिल एएफएसओ इंद्रसिंह संधू ने बताया कि पात्रों के बयान दर्ज कर, उसकी प्रतिलिपि भी शिकायत पत्र के साथ पुलिस को सौंपी जाएगी। गड़बड़ी करने वाले किसी भी डिपो संचालक को इस बार बख्शा नहीं जाएगा।