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एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद काम पर लौटे सफाई कर्मी

झज्जर : शहर वासियों के लिए यह राहत भरा समाचार है। बुधवार सुबह की शुरूआत के साथ बेशक ही उन्हें ऐसा लगा होगा कि आने वाले दिनों में सफाई-व्यवस्था को लेकर परेशानी बढ़ सकती है। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर उठाए गए कदम एवं एसडीएम के हस्तक्षेप के बाद पालिका प्रधान के पति और सफाई कर्मचारियों के बीच शुरू विवाद फिलहाल समाप्त हो गया है। सफाई कर्मी अपने काम पर लौट आए है। दिन के समय में उन्होंने बाजार सहित अन्य स्थानों पर कूड़ा-करकट उठाया भी है। बृहस्पतिवार से पुन: पूरी व्यवस्था पटरी पर लौटती हुई दिखाई देगी।

यह था मामला

गौरतलब है कि राजनीति का अखाड़ा बनी शहर की नगर पालिका में हर रोज कोई ना कोई मुद्दा उछला ही रहता है। ताजातरीन मामले में मंगलवार को पालिका के सफाई कर्मचारियों ने पालिका प्रधान कविता नंदवानी के पति उमेश नंदवानी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। विरोध जता रहे कर्मचारियों का कहना है कि पालिका प्रधान के पति कार्यालय के कामकाज में हस्तक्षेप करते है। जिससे उनमें नाराजगी बनी हुई है। हो रहे इस विरोध की कड़ी में उन्होंने मंगलवार को उमेश नंदवानी के पुतले की शव यात्रा भी शहर में निकाली और जमकर नारेबाजी की। बाद में अंबेडकर चौक पर एकत्रित होते हुए पुतले का दहन कर दिया। सफाई कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे इस विरोध का पालिका से जुड़े हुए कुछ असंतुष्ट पार्षदों ने समर्थन भी किया है। जिससे ऐसा लगा था कि मामला लंबा खींच सकता है। लेकिन जिस तरह से आज मामले को त्वरित कदम उठाते हुए निपटाया गया। बेशक ही उससे व्यवस्था से जुड़े लोगों के अलावा आम जनमानस को भी परेशानी नहीं होगी।जैसा कि पहले से दिख रहा था कि सफाई कर्मचारी अपने विरोध के चलते बुधवार को भी हड़ताल पर रहेंगे। हुआ भी कुछ वैसा ही। सुबह ही यह सफाई कर्मचारी अपने काम पर जाने की बजाय सीधा पालिका में विरोध के लिए पहुंच गए। अभी यह वहां पर पहुंचे ही थे कि पालिका प्रधान के पति उमेश नंदवानी के अलावा पालिका सचिव भी वहां पर आ गए। जहां पर दोनों पक्षों के बीच विषयानुसार बातचीत हुई। काफी समय तक हुई बातचीत के बाद एक दफा ऐसा हो गया था कि मामला निपट गया है। लेकिन बताते है कि इसी दौरान वहां पर कुछ पार्षद भी आ पहुंचे। जिनके बाद बातचीत पटरी से उतरती हुई दिखाई दी। हालांकि तब तक हुई बातचीत में प्रधान पति अपना पक्ष रख चुके है।

कर्मचारियों को एसडीएम ने दिया समस्या के समाधान का आश्वासन

मामले पर पहले से ही नजर बनाए हुए प्रशासन की ओर से एसडीएम रोहित यादव सुबह के समय ही पालिका में पहुंचे और उन्होंने वहां पर मौजूद स्टॉफ से विस्तार से बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने आश्वस्त करते हुए कहा कि सफाई कर्मचारी भी व्यवस्था से जुड़ी अह्म कड़ी है। इन्हें भी किसी भी सूरत में परेशान नहीं होने दिया जाएगा। फिर भी इन्हें भविष्य में कोई परेशानी आती है तो वह सीधा उनके संज्ञान में लाए। जिसका त्वरित समाधान निकाला जाएगा। एसडीएम से हुई बात के बाद कर्मचारी आश्वस्त हो गए और उन्होंने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।

मनमुटाव था, सुलझ गया : नंदवानी

पालिका प्रधान के पति उमेश नंदवानी का कहना है कि यह परिवार के बीच का मामला था। जो कि आपसी मनमुटाव से शुरू हुआ था और सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई बातचीत से निपट गया है। हां, कुछ पार्षद इस मामले में भी राजनीति करना चाह रहे थे। जोकि सरासर गलत है। चूंकि सफाई कर्मचारी जो कि शहर का इतना ध्यान रखते है, उन्हें किसी भी सूरत में राजनीति का मोहरा नहीं बनाना चाहिए। मैं स्वयं इनका सम्मान करता हूं।