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मुआवजे की मांग को लेकर उपायुक्त से मिलने पहुंचे किसान

 फतेहाबाद : फोरलेन के लिए जमीन अधिग्रहण होने के तीन वर्ष बाद भी किसानों को मुआवजा नहीं मिल रहा है। मुआवजे के लिए किसान अधिकारियों के चक्कर काट रहे है। बुधवार को भी दर्जनों ग्रामीण उपायुक्त से मिलने पहुंचे, लेकिन उपायुक्त के न मिलने के बाद राजस्व विभाग के संबंधित कर्मचारियों को ज्ञापन सौंपकर चले गए। गांव बड़ोपल के पूर्व सरपंच महावीर गोदारा, रामनिवास, मनफुल ¨सह, आत्माराम, खिडकाराम, कृष्ण, रायसाहब, राम¨सह, रोहताश, हजारी लाल, हनुमान ¨सह व विजय ¨सह ने बताया कि तीन साल पहले उनकी जमीन हिसार डबवाली फोरलेन नंबर 9 के लिए अधिग्रहण की गई थी। परंतु सरकार ने जमीन का पूरा मुआवजा अभी तक नहीं दिया है। अभी भी 49 हजार रुपये प्रति मरला के हिसाब से बकाया पड़ा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनकी जमीन के लिए 21 जनवरी 2015 को अवार्ड सुनाया गया था। जिसके तहत गांव के प्रति मरला का भाव 49 हजार रुपये तय किया गया। ज्ञापन सौंपने आए ग्रामीणों का कहना है कि इसके बाद सरकार ने एक सप्लीमेंटरी अवार्ड 7 जनवरी 2016 में पारित किया गया। जिसमें अधिग्रहण भूमि का मुआवजा 98 हजार रुपये प्रति मरला देने आदेश जारी किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि अभी तक उन्हें सिर्फ 49 हजार रुपये प्रति मरला के हिसाब से ही मुआवजा दिया गया है। बाकि 49 हजार रुपये अभी तक नहीं दिए जा रहे है। इस कारण किसानों को परेशानी आ रही है। उन्होंने मांग कि सरकार जल्द से जल्द मुआवजा राशि ब्याज राशि समेत जारी की जाएं। इस राशि के लिए वो पिछले दो साल से भटक रहे है, लेकिन विभाग के अधिकारी उनकी सुनवाई नहीं कर रहे है।

--एक महीने बाद करेंगे शुरू करेंगे अनिश्चितकालीन धरना

ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन दूसरी किस्त देने में भेदभाव कर रही है। फोरलेन बाइपास के किसानों ने काम बंद करवाया तो उन्हें मुआवजा राशि की दूसरी किस्त जारी कर दी थी, लेकिन अन्य गांवों के किसानों को मुआवजा राशि नहीं दी जा रही है। हालांकि सभी गांवों के किसानों ने एक साथ अवार्ड सुनाया था, परंतु उसके बाद भी उनके साथ भेदभाव किया जा रहा है। ग्रामीणों ने कहा कि प्रशासन ने एक महीने तक उनकी मुआवजा राशि जारी नहीं की तो वे भी अनिश्चितकालीन धरना लघु सचिवालय के बाहर शुरू करेंगे।