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कैथ लैब में इलाज के दौरान महिला की मौत, हंगामा

अंबाला : छावनी के नागरिक अस्पताल की कैथ लैब में इलाज करवाने आई इंदिरावती वास्तव (55 वर्षीय) निवासी गणेशपुर, थाना वाल्टरगंज जिला बस्ती उत्तर प्रदेश की बुधवार दोपहर को स्टंट डालने के दौरान मौत हो गई। पहले तो डॉक्टर ने महिला के साथ आए उनकी बेटी असप्रदा व दामाद मनीष श्रीवास्तव को उनकी एंजियोग्राफी और बाद में स्टंट डालने की बात नहीं बताई और बाद में मौत हो जाने की खबर भी उनसे छुपाए रखी। देर शाम जब परिजनों ने डॉक्टर से इंदिरावती की हालत के बारे में पूछा तो डॉक्टर उनकी हालत गंभीर होने की बात करते रहे। बाद में महिला की मौत की खबर पता लगी तो परिजनों ने अस्पताल में हंगामा कर दिया। सूचना मिलते ही काफी संख्या में पुलिस बल कैथ लैब में तैनात कर दिया गया। परिजनों ने डॉक्टर पर इलाज के दौरान लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने पुलिस कार्रवाई करने से इंकार कर दिया। इसके बाद वह देर शाम शव को एंबुलेंस में लेकर उत्तर प्रदेश के लिए रवाना हो गए।

इस तरह हुआ पूरा घटनाक्रम

छावनी के नागरिक अस्पताल में 15 दिसंबर से ही हृदय रोग के मरीजों का इलाज शुरू हुआ है। मनीष श्रीवास्तव, जो अंबाला शहर में एक समाचार पत्र में काम करता है और जुलाई 2017 से वह शहर स्थित सुल्तानपुर में किराए के मकान में रह रहा है। उसकी सास इंदिरावती वास्तव को सप्ताह पहले हार्ट अटैक आया था और वहीं एक निजी अस्पताल से उनका इलाज चल रहा था। मंगलवार को मनीष ने अपनी सास को यहां कैथ लैब में इलाज के लिए बुलाया था। बुधवार को करीब साढ़े 12 बजे मनीष अपनी सास व पत्नी को लेकर अस्पताल में पहुंचा। डॉक्टर ने उनकी रिपोर्ट देखी और उन्हें तुरंत दाखिल कर लिया।

परिजन बोले, हमें सर्जरी के बारे में नहीं बताया गया

परिजनों के मुताबिक उन्हें जानकारी नहीं दी गई और डॉक्टर ने इंदिरावती की एंजियोग्राफी कर दी। उनके हृदय के तीन नाड़ियों में से एक पूरी तरह खराब हो गई थी और दूसरी भी 99 प्रतिशत खराब थी। इसके कुछ देर बाद ही उन्हें हार्ट अटैक आया और डॉक्टर ने उनकी सर्जरी करते हुए कुल चार स्टंट डाले। इसके बाद महिला को आइसीयू में शिफ्ट कर दिया गया। कुछ देर बाद ही महिला की अचानक से तबीयत खराब हुई और उनका बीपी काफी हाई हो गया। ऐसे में उन्हें फिर से ऑपरेशन थियेटर में ले गए और उनकी दोबारा सर्जरी शुरू की गई। इसी दौरान महिला ने दम तोड़ दिया। मनीष और उनकी पत्नी असप्रदा ने बताया कि उन्हें डॉक्टर ने नहीं बताया कि उनकी माता की मौत हो गई है। अन्य कर्मियों से इसका पता चला।

बेटी ने दी डॉक्टर को जान से मारने की धमकी

इंदिरावती के साथ अस्पताल में आई उनकी बेटी असप्रदा को जैसे ही पता चला कि अब उनकी मां इस दुनिया में नहीं है तो उसने आइसीयू में घुसकर कैथ लैब के प्रबंधक व अस्पताल चौकी पुलिस के सामने उनकी मां का इलाज करने वाले डॉक्टर को जान से मारने की धमकी दी। बेटी ने कहा कि मेरी मां यहां खुद के पैरों पर चलकर आई थी और मैं उन्हें यहां से उन्हें वैसे ही लेकर जाऊंगी।

नहीं लिया गया बिल

महिला के इलाज में करीब ढाई लाख रुपये का खर्च आया। इसमें एंजियोग्राफी, चार स्टंट व अन्य खर्चो के बिल तैयार किए गए। बाद में प्रबंधन की ओर से कैथ लैब व केरल स्थित मेडीट्रिना अस्पताल के संचालक डॉ. प्रताप कुमार के संज्ञान में मामला डाला गया। उनके आदेशानुसार परिजनों को बिल माफ कर दिया गया।

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शिकायत के आधार पर की जाएगी कार्रवाई

सूचना मिलते ही पुलिस बल अस्पताल में भेज दिया गया था। मैं खुद भी अस्पताल में पहुंचा था। परिजन डॉक्टर पर लापरवाही के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन उनकी ओर से शिकायत नहीं दी गई है। अगर मेरे पास शिकायत आती है तो उसके आधार पर ही कार्रवाई की जाएगी।