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41 एकड़ जमीन से कब्जा हटाने गई टीम का विरोध

गांव भरपूर में किसी की निजी जमीन पर गांव के लोगों ने छह दशकों से कब्जा कर रखा है। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद हाईकोर्ट ने आदेश दिया कि जमीन से कब्जा छुड़वाकर उसके मालिकों को सौंपा जाए। कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई करने के लिए मंगलवार को प्रशासन की टीम पहुंची तो अधिकारियों के पसीने छूट गए। गांव के सैकड़ों लोग प्रशासन के सामने आकर खड़े हो गए और बोले जमीन के लिए हम कुछ भी करने को तैयार हैं। 41 एकड़ जमीन से कब्जा छुड़वाने के लिए पुलिस बल के साथ गए एसडीएम, डीएसपी व नायब तहसीलदार वापस आ गए। कार्रवाई के विरोध में लोग महिलाओं व बच्चों को साथ लेकर खड़े हो गए। उनके हाथ में डंडे थे। अधिकारियों ने तनाव की स्थिति को देखते हुए पीछे हटने का फैसला ले लिया। फिलहाल कब्जा हटाने की कार्रवाई स्थगित कर दी गई है।

उपायुक्त द्वारा नायब तहसीलदार सुरेन्द्र मेहता को ड्युटि मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया था। जबकि एसडीएम देवी लाल सिहाग व उपपुलिस अधिक्षक रविन्द्र तोमर और रिवेन्यु विभाग के कई अधिकारी मौके पर मौजूद थे। कब्जा हटवाने के लिए जिला फतेहाबाद के अलावा अन्य जिलों से भी पुलिस बुलाई गई थी। लेकिन पुलिस जितनी संख्या में ही वहां पर ग्रामीण मौजूद थे।