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फौजी की हत्या में तीन दोषियों को 20 साल की सजा

पानीपत : एडिशनल सेशन जज पीके लाल की अदालत ने इसराना के गांव मांडी निवासी फौजी कर्मपाल की हत्या के मामले में तीन दोषियों को 20-20 साल व लूट का माल खरीदने वाले को 1 साल की सजा सुनाई है। हत्याकांड का एक आरोपी भगोड़ा चल रहा है। दोषी उत्तर प्रदेश के जिला बागपत और मेरठ के निवासी हैं।

एडवोकेट जगदीप घनघस ने बताया कि माडी निवासी कर्मपाल (26) पुत्र ओमप्रकाश 20 जाट रेजीमेंट का जवान था। दिसंबर 2013 में वह दिवाली की छुट्टियां लेकर घर आया हुआ था। 2 दिसंबर को वह दो ट्रैक्टर ट्रॉलियों में जीरी भरकर बड़े भाई कृष्ण के साथ पानीपत अनाज मंडी आया था। आढ़ती को धान बेचकर शाम छह बजे कर्मपाल ट्रैक्टर ट्रॉली लेकर घर की ओर चल दिया। उसके पास 5000 रुपये थे जबकि कृष्ण मंडी में रह गया था। रात नौ बजे जब कृष्ण घर पहुंचा तो पता चला कि कर्मपाल अब तक नहीं आया है। उसका मोबाइल फोन भी आउट ऑफ रेंज था।

कृष्ण ने ग्रामीणों के साथ उसकी तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं चला। इसके बाद उसने पुलिस में शिकायत की। 3 दिसंबर की सुबह 6.45 बजे नौल्था-पुगथला मार्ग पर पलड़ी के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास कर्मपाल का शव पड़ा मिला था। कृष्ण की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ लूट व हत्या का मुकदमा दर्ज किया था।

जांच के दौरान पुलिस ने डाहर टोल प्लाजा की सीसीटीवी फुटेज खंगाली थी। फुटेज में शाम 7:28 बजे कर्मपाल ट्रैक्टर-ट्रालियों को गांव की ओर ले जाता दिखा। करीब पौना घंटा बाद 8:16 बजे ट्रैक्टर-ट्रॉली वापस पानीपत की ओर जाती दिखी, लेकिन उसे कोई अनजान व्यक्ति चला रहा था। इसके बाद पुलिस ने उस रेंज की सभी मोबाइल फोन कॉल को खंगाला और आरोपियों का सुराग लगाने में कामयाब रही। पुलिस ने 12 दिसंबर 2013 को मोहम्मद पुत्र यामीन निवासी गांव हर्रा मेरठ, आरिफ पुत्र मोमीन निवासी औरंगाबाद मेरठ व मोमिन पुत्र रफीक निवासी गांव कुरडी निवासी छपरौली बागपत को गिरफ्तार किया था।

आरोपियों ने हत्या की वारदात कबूल करते हुए जुल्लू उर्फ जुल्फिकार निवासी गांव भोला बागपत व लूट का माल खरीदने वाले लियाकत पुत्र बुंदा निवासी तहसील रोड, सलेमानशाह सरधना मेरठ का नाम भी बताया। पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त इंडिको कार पेचकस व व्हीकल पाना आदि बरामद कर उन्हें कोर्ट में पेश किया था।