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जेब खर्च के पैसे बचाकर बाल वैज्ञानिकों ने बनाए मॉडल

पानीपत : जीटी रोड स्थित राजकीय मॉडल संस्कृति स्कूल में जवाहर लाल नेहरू विज्ञान प्रदर्शनी में मॉडलों का स्वरूप दिखा कर विद्यार्थियों ने बाल वैज्ञानिक होने का दावा किया। किसी ने बर्थ डे पर मिले पैसे से मॉडल बनाए तो किसी ने दादी की पेंशन को बाल वैज्ञानिक बनने में सदुपयोग किया। पढि़ए इन बच्चों की कहानी कैसे आइडिया विकसित कर मॉडल बनाया।

दादा-दादी से बच्चों को लगाव होता है। बिहोली स्कूल की दसवीं कक्षा की छात्रा अंजलि ने बीमार दादी से पेंशन के पैसे लेकर वेस्ट से बिजली संयंत्र का मॉडल बनाया। प्रदर्शनी में मॉडल दिखाते हुए कहा कि दादी से एक हजार रुपये लेकर वेस्ट एग्रीकल्चर प्रोडक्ट से बिजली बनाने का संयंत्र तैयार किया। सिलेंडर के शेप में पात्र में पानी को गर्म करने पर भाप बनने लगता है।

इससे टरबाइन चलने लगती है और बिजली पैदा होती है। मॉडल की खास बात है कि इसमें ईधन के तौर पर पराली भी जला सकते हैं। खेतों में पराली जलाने का दुरुपयोग नहीं होगा।