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फ्लैटों का पजेशन न देने के आरोप में केस दर्ज

पंचकूला : सेक्टर-5 पुलिस ने सेक्टर-17 निवासी मनोज गर्ग की शिकायत पर तीन लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। मनोज गर्ग का आरोप है कि उसके फ्लैट बिना जानकारी बेच दिए गए। आरोप है कि 2011 में तीन फ्लैटों का एग्रीमेंट उसने सेक्टर-11 में भरत कुमार, संजीव कुमार एवं महिला डायरेक्टर के साथ किया था।

जबकि उसे पजेशन नहीं मिला। शिकायत के अनुसार कंपनी ने 2013 में पजेशन देना था, लेकिन उसे पता नहीं चला। 2016 में जब वह पजेशन लेने गया, तो उसके फ्लैट बिक चुके थे। कंपनी पर उसने धोखाधड़ी के आरोप लगाए है। पुलिस को दर्ज करवाए बयानों में संजीव कुमार ने बताया है कि मनोज गर्ग कंपनी का डायरेक्टर और मार्केटिंग एजेंट था। जोकि 2011 से उनके फ्लैट बेच रहा था। फ्लैट बेचने के लिए उसने खुद को पहले कंपनी में डायरेक्टर बनवाया। उसने डम्मी एग्रीमेंट बनवाए, ताकि डायरेक्टर के तौर पर फ्लैटों की सेल कर सके। हर फ्लैट पर मनोज गर्ग को दो लाख रुपये कमीशन दिया जाता था। डम्मी एग्रीमेंट में मनोज गर्ग ने भरत कुमार के साथ फ्लैटों का एग्रीमेंट करवाया और उसमें संजीव कुमार और संदीप को गवाह बनवा लिया।

जिसके लिए उसने फ्लैटों का कोई पैसा नहीं दिया, कोई यह फ्लैट उसने आगे बेचने थे। एग्रीमेंट में स्पष्ट तौर पर लिखा था कि एग्रीमेंट अस्थायी है। जब तक स्थायी तौर पर अलॉटमेंट लेटर नहीं मिलता, तब तक पजेशन नहीं मिलेगा।

एग्रीमेंट के बाद मनोज गर्ग ने डायरेक्टर पद छोड़कर मार्केटिंग एजेंट के तौर पर ही काम किया। फरवरी 2014 तक उसने दो फ्लैट बेच दिए और अपना 4 लाख रुपये कमीशन भी ले लिया। फरवरी 2014 तक उसने तीन फ्लैट बेचने थे, जिसे वह बेच नहीं पाया और कंपनी से किया गया अस्थायी एग्रीमेंट कैंसल हो गया, परंतु मनोज के पास उसके कागजात थे। जिसके बारे मे संजीव ने मनोज को सूचित कर दिया था।

पुलिस को दिए बयानों में संजीव कुमार ने बताया कि 2016 में मनोज ने फ्लैट नंबर 603 बेच दिया और चेक के जरिए कमीशन ले लिया।