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झूठे जाति प्रमाण पत्र से जमीन पट्टा देने का आरोप

गांव छपार निवासी अनुसूचित वर्ग के लोगों ने तीन व्यक्तियों पर कागजों में हेराफेरी कर समाज के हक की शामलाती भूमि की बोली करवा उसे पट्टे पर देने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर सोमवार को दर्जनों लोग दादरी के उपायुक्त कार्यालय पहुंचे और हेराफेरी करने वाले लोगों के खिलाफ कार्रवाई के साथ ही पट्टे को रद्द करवाने की मांग की। उपायुक्त को ज्ञापन सौंप कर कृष्ण, रण¨सह, मनीराम, जोगेंद्र ¨सह, रमेश, उदयभान, रणधीर ¨सह, मोहन, सतबीर ¨सह, कर्ण ¨सह इत्यादि ने बताया कि गांव के ही तीन लोगों ने अनुसूचित जाति का प्रमाण पत्र बनवा कर 14 एकड़ शामलाती भूमि जो अनुसूचित वर्ग के हक की है उसकी बोली लगवा दी। इस बारे में उन्होंने पहले भी शिकायत उपायुक्त कार्यालय में दी थी जो जिला पंचायत अधिकारी को भेजी गई। उस दौरान जिला पंचायत अधिकारी हलका पटवारी ने मौके का मुआयना किया तथा जांच में पाया कि जमीन की बोली लगवाने और उसे पट्टे पर देने वाले लोग अनुसूचित जाति से संबंध नहीं रखते उन्होंने जाति प्रमाण पत्र बनवा कर यह काम किया है। वे जिस जाति से संबंध रखते हैं। वह अनुसूचित वर्ग में नहीं आती। जांच के उपरांत जिला पंचायत अधिकारी ने उक्त लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करने के लिए कहा था। लेकिन इस संबंध में आगामी कोई कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों ने उपायुक्त से मांग की कि उक्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उस भूमि का पट्टा रद्द कराया जाए और जो झूठे प्रमाण पत्र बनवाए गए हैं वे भी रद हों।