News Description
अव्यवस्था के चलते बेसहारा हुई नंदीशालाएं

दादरी शहर व गांवों में घूम रहे बेसहारा पशुओं को आश्रय देने के लिए जिले के अलग-अलग गांवों में बनाई गई नंदीशालाओं में व्याप्त अनियमितताओं के चलते गोवंश के मरने का सिलसिला लगातार जारी है। ठिठुरती सर्दी से बचने के लिए नंदीशालाओं में न तो शेड बनाई गई है न ही यहां पर पर्याप्त मात्रा में चारा उपलब्ध करवाया जा रहा है।दादरी नगर के साथ लगते गांव कलियाणा में बनाई गई नंदीशाला में पानी के अस्थायी जोहड़ में ही एक गाय मृत पड़ी हुई है बावजूद इसके प्रशासन और सरकार केवल प्रयासों का हवाला देते नहीं थक रहे। नंदीशाला में तैनात किए कर्मचारियों को भी कई माह से वेतन नहीं दिया गया है। जिले को बेसहारा गोवंश से मुक्ति दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने दादरी शहर स्थित कई गांवों में नंदीशालाएं बनाई है। प्रशासन ने नंदीशाला बनाकर पशुओं को इसके अंदर तो बंद कर दिया है लेकिन उनके लिए चारा, चिकित्सा व अन्य मूलभूत जरूरतों के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया है। गांव कलियाणा स्थित नंदीशाला में फिलहाल 300 गोवंश है। नंदीशाला में किसी प्रकार का टीन शेड न होने के कारण सर्दी शुरू होने के साथ ही गोवंश के मरने का सिलसिला शुरू हो गया है। चिकित्सकों की कमी भी यहां पूरी तरह खल रही है।पंचायतों से मांग रहे हैं सहयोग

जिला पंचायत अधिकारी धर्मबीर ¨सह ने बताया कि नंदीशाला में शेड निर्माण व अन्य कार्यों के लिए पंचायतों व आमजन से सहयोग मांगा जा रहा है। नंदीशाला अभी रजिस्टर्ड नहीं हुई है इसलिए प्रशासन द्वारा सहयोग नहीं दिया जा सकता। पशुपालन विभाग के चिकित्सक को यहां पर स्थाई तौर पर लगाया हुआ है। अगर इस मामले में कोई कोताही बरती गई है तो जांच करेंगे।

--------------

सुविधाएं नहीं, दावे झूठे

गांव कलियाणा के सरपंच प्रतिनिधि भूपेंद्र ¨सह ने बताया कि प्रशासन द्वारा तीन माह पूर्व यहां नंदीशाला तो खोल दी, लेकिन सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई। नंदीशाला में ना चारदीवारी है और न ही चारे का प्रबंध किया गया है। यहां किसानों ने स्वयं कुछ समय का चारा उपलब्ध करवाया गया है। ऐसे ही हालात रहे तो नंदीशाला में पशु ही नहीं बचेंगे।