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बोर्ड के खिलाफ डबल बेंच के पास दायर की जाएगी याचिका

अंबाला : सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर छावनी में कैंटोनमेंट बोर्ड के अधीन आने वाली जमीन पर अवैध तरीके से कब्जा करके रहने वाले करीब 6200 लोगों की वोट काटने का मामला तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सुप्रीम कोर्ट की एकल बेंच के आदेशों पर बोर्ड ने लोगों की वोट काटी है और अब इन्हीं लोगों ने इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में डबल बेंच के पास जाने का फैसला कर लिया। अगले सप्ताह में छोटे-छोटे ग्रुप बनाकर कैंटोनमेंट बोर्ड के खिलाफ अपील की जाएगी। मंगलवार को माली परेड के लोगों ने पार्षद सुरेंद्र तिवारी के साथ मी¨टग की। कुछ लोगों ने सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच के पास जाने के लिए शपथ पत्र देने भी देने शुरू कर दिए है।

गौरतलब है कि कैंटोनमेंट बोर्ड के आदेशों पर छावनी के सेनाक्षेत्र स्थित माली परेड में तीन अलग-अलग वार्डों में रहने वाले करीब 6200 लोगों का वोटर लिस्ट से नाम काट दिया है। वोट कटने के बाद सैकड़ों लोग सोमवार को माली परेड स्थित मंदिर में एकत्रित हुए थे जिसके बाद उन्होंने बोर्ड के इस फैसला के खिलाफ काफी रोष प्रकट किया था। इसी कड़ी में मंगलवार को माली परेड के लोग कैंटोनमेंट बोर्ड के पार्षद सुरेंद्र तिवारी से मिले और करीब डेढ़ घंटे तक उनके आवास पर मी¨टग की गई। मी¨टग में ही तय किया गया कि इस फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच का दरवाजा खटखटाया जाएगा। क्योंकि देश के संविधान अनुसार वोट डालने का अधिकार हर देशवासी का है जिसे कोई भी किसी कीमत पर नहीं छीना जा सकता है। इस जमीन पर 150 सालों से अधिक समय से यहां लोग रह रहे है और उन्होंने यहां कोई झोपड़ पट्टी बनाकर कब्जा नहीं किया हुआ है बल्कि कई पुश्तों से अपने पक्के मकान बनाकर यहां रह रहे है और खेतीबाड़ी करके अपना गुजारा कर रहे है।