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उदयपुर घटना में एक पक्षीय कार्रवाई के विरोध में समिति

यमुनानगर : राजस्थान के उदयपुर घटना में एक पक्ष पर कार्रवाई होने पर सोमवार को ¨हदू संघर्ष समिति ने प्रदर्शन किया। मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी भी की।

समिति के कार्यकर्ता पंडित उदयवीर, संजय मित्तल व रोहित चौधरी ने बताया कि शंभूनाथ के अपराध और सजा कानून तय करेगा, लेकिन उसके परिवार को प्रताड़ित करना उदयपुर प्रशासन की कमजोर व घटिया स्तर को दर्शाता है। बैंक खाते को सीज कर संविधान के अंतर्गत प्राप्त नागरिक अधिकार का हनन किया गया है। बेटियों के खिलाफ भावनात्मक रूप से फंसा कर सुनियोजित तरीके से मानव-तस्करी में बहुत से गुट सक्रिय हैं, जिन्हें राजनीतिक व प्रशासनिक संरक्षण भी प्राप्त प्रतीत होता है। शंभूनाथ के सोशल मीडिया से जुड़े 28 लोगों को गिरफ्तार करना, परिवार के आर्थिक सहयोग की मांग कर रहे गोरक्षा समिति से जुड़े दो लोगों की गिरफ्तार करना, पांच ¨हदू युवकों पर रासुका लगाना फोन बंद करा कर अपने कब्जे में लेना और उनसे मिलने जुलने वालों व सहायता करने वालों पर नजर रखना जैसे परिवार कोई आतंकवादी का हो। पुलिस प्रशासन ने उनके परिवार को भय के साये में जीने को मजबूर किया हुआ है, जोकि भारतीय संविधान के अनुसार उनके मौलिक अधिकारों का हनन है। संपर्क सूत्रों की रिपोर्ट के अनुसार, जो व्यक्ति मारा गया वो अवैध बांग्लादेशी घुसपैठिया था, जोकि फर्जी बंगाल नागरिक बनकर ठेकेदारी का कार्य कर रहा था। देश विरोधी गुट के साथ मिलकर हिन्दू लड़कियों को बंगाल सप्लाई कर मानव तस्करी में संलिप्त था। अभी तक भी कोई कार्यवाही ना हो सकी, जब ¨हदू संगठनों ने इस बात का विरोध किया तो सैकड़ों ¨हदू कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर गंभीर धाराओं में मुकद्दमे दर्ज कर जेलों के बन्द कर प्रताड़ित किया जा रहा है, जोकि सरासर एक पक्षीय कार्रवाई लग रही है