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बच्चों को पुस्तकों में पढ़ाते हैं, वो इग्जाम होते भूल जाते हैं

डबवाली : न्यूजीलैंड के शहर ऑकलैंड स्थित थ्रीडीआइ स्कूल के सीओओ के.मोहन का कहना है कि शिक्षक पुस्तकों में जो बच्चों को पढ़ाते हैं, वे इग्जाम होते ही भूल जाते हैं। इसलिए बच्चों को किताबी कीड़ा बनाने से अच्छा है, कुछ करके दिखाया जाए।

हम बच्चों को आधुनिक तकनीक से दूर रहने के लिए कहते हैं, जो गलत है। तकनीक को सिलेबस का हिस्सा बनाना चाहिए। ताकि खेल-खेल में बच्चा सीख सकें। के. मोहन ने यह भी कहा कि राइ¨टग इग्जाम नहीं होने चाहिए। बच्चे को एक प्रॉजेक्ट पूरा करने के लिए दिया जाए। उसकी सफलता के मद्देनजर उसके अंकों की गणना की जानी चाहिए। हैदराबाद में ही पढ़े-लिखे के. मोहन के स्कूल ने शिक्षा प्रणाली में सुधार का बीड़ा उठाते हुए विदेशों के कई स्कूलों को गोद लिया है। भारत में हैदराबाद में मुख्यालय खोलते हुए देश के 8 स्कूलों को गोद लिया है। उत्तर भारत में स्कूलों को गोद लेने की शुरुआत गांव शेरगढ़ स्थित एचपीएस सीनियर सेकेंडरी स्कूल से की है।

रविवार शाम को वे एचपीएस में अध्यापक-अभिभावक एवं विद्यार्थियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। इस मौके पर थ्रीडीआइ स्कूल न्यूजीलैंड के हेड ट्रेनर अंकिता मोहन, ¨प्रसिपल रोमाना शकीन मौजूद थे।