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घरों के वेस्ट और आवारा पशुओं के गोबर से बोर्ड बनाएगा बायोगैस

अंबाला : नगर निगम अंबाला जहां घरों के वेस्ट और आवारा पशुओं को पकड़ नहीं पा रहा है तो वहीं कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला छावनी वेस्ट और आवारा पशुओं के गोबर से बायोगैस के साथ-साथ खाद तैयार करेगा। बोर्ड ने 22 लाख रुपये की लागत से दो प्लांट ट्रायल के रूप में शुरू कर दिए हैं। एक प्लांट जहां सैन्य क्षेत्र में स्थित पटेल पार्क में स्थापित किया गया है तो वहीं दूसरा प्लांट तोपखाना में लगाया गया है।

निगम अधिकारियों का कहना है कि इन प्लांट से रोजाना 8 से 10 किलोग्राम बायोगैस बनेगी। इस गैस को बोर्ड की ओर से बेचा जाएगा जिससे बोर्ड को रेवेन्यू बढ़ेगा। योजना के मुताबिक स्थापित किए गए एक प्लांट की क्षमता 20 क्यूबिक की है जिसमें पानी के साथ-साथ गोबर को मिश्रित करके गिराया जाएगा। इसके बाद इसमें बायोगैस तैयार होगी।

अधिकारियों का कहना है कि इन प्लांट के लिए रोजाना 4 ट्रालियां गोबर की जरूरत होगी जो बोर्ड के कैटल यार्ड से आएंगी। यार्ड में आवारा पशुओं को बोर्ड रखता है। फिलहाल इन प्लांट की टे¨स्टग चल रही है और जनवरी तक पूरी हो जाएगी। इस टे¨स्टग में आने वाली दिक्कतों को बोर्ड और प्लांट स्थापित करने वाली एजेंसी दुरुस्त करने में जुट गई है।

घरों का कूड़ा भी डाला जाएगा

बोर्ड का दूसरा प्लांट तोपखाना में लगाया जा रहा है जिसमें यहां के लोगों का वेस्ट मैटीरियल का इस्तेमाल करेगा। शौचालय के साथ में बनाए इस प्लांट के पास में एक प्लेटफार्म बनाया जाएगा। जिस पर बोर्ड के सभी सफाई कर्मी घरों से सूखे-गीले कूड़े को वहां पर गिराएं। इस प्लेटफार्म पर इस कचरे की छटाई की जाएगी और उसके बाद उसमें प्लास्टिक, कांच समेत अन्य ठोस वेस्ट मैटीरियल को ड¨म्पग ग्राउंड में गिराया जाएगा। इसमें से किचन का गीला कचरा क¨टग मशीन से काट कर इस प्लांट में गिराया जाएगा। इससे भी बायोगैस बनेगी और उसके बाद उसको खाद के लिए भी इस्तेमाल किया जाएगा।

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नगर निगम पकड़ नहीं पा रहा है

इस तरह योजनाएं बनाने में नगर निगम अंबाला फिसड्डी रहा है और अपने स्मार्ट वर्क के लिए कैंटोनमेंट बोर्ड अंबाला छावनी स्मार्ट कैंटोनमेंट बोर्ड की सूची में शामिल हो गया है। नगर निगम के एरिया में आवारा पशुओं को पकड़ नहीं पा रहा है जिसके चलते कई लोग जान गंवा चुके हैं तो कुछ लोगों को शारीरिक क्षति झेलनी पड़ रही है। यहां तक निगम आवारा पशुओं के लिए कोई कैटल यार्ड नहीं बना पाया है तो वहीं बोर्ड के कैटल यार्ड है।

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कोट्स

- पटेल पार्क और तोपखाना में बायोगैस प्लांट लग चुके हैं और टे¨स्टग की प्रक्रिया चल रही है। प्लांट से 8 से 10 किलो बायोगैस बनेगी और 22 लाख रुपये की लागत से यह प्लांट लगाए जा रहे हैं।