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नप अध्यक्षा का वार्ड उपेक्षा का शिकार, मुख्य सड़क को छोड़ आसपास की सड़कों के किए टेंडर

 कुरुक्षेत्र :शहर के विकास का दारोमदार जिस नगर परिषद पर है, उसकी अध्यक्षा का वार्ड उपेक्षा का शिकार है। शहर की सड़कों को चकाचक करने के लिए हर जगह काम चल रहा है, मगर नप अध्यक्षा के वार्ड की खस्ताहाल गलियां विकास की तस्वीर बयां कर रहीं हैं। रविवार को वार्ड की जैन राइस कालोनी के लोग एकत्रित हुए और नप के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। वार्ड वासियों का कहना था कि जिस भरोसे से सर्वसम्मति से नप अध्यक्षा को चुना था, उसके अनुसार वार्ड में विकास कार्य नहीं हो रहे हैं। नप की ओर से जैन राइस कालोनी की मुख्य सड़क को छोड़कर अन्य सड़कों के टेंडर कर दिए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नपा अध्यक्षा न्यू कालोनी, पटेल नगर व शास्त्री नगर में ही विकास करा रही हैं, उनके साथ सौतेला व्यवहार किया जा रहा है। वे इस कॉलोनी में फैली अव्यवस्थाओं को लेकर कई बार गुहार लगा चुके हैं, मगर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रविवार को कॉलोनी वासी इकट्ठे हुए और दैनिक जागरण कार्यालय से संपर्क कर मौके पर बुलाया।

अमीन रोड पर स्थित कालोनी में शहीद भगत ¨सह दिशा संस्थान एवं संत कबीर कुटिया है। इस सड़क से हर रोज बड़ी संख्या में शहरवासी गुजरते हैं। मुख्य सड़क की स्थिति यह है कि यहां पैदल चलना भी चुनौतियों भरा है। जगह-जगह गहरे गड्ढे हादसों को न्यौता दे रहे हैं और राइस मिल के नजदीक गहरा गड्ढा अनदेखी की तस्वीर दिखा रहा है। यहां पर कालोनीवासियों की ओर से बच्चों की सुरक्षा को लेकर गड्ढे में झाड़ियां रखी हुई हैं ताकि बड़ा हादसा न हो। मगर जनस्वास्थ्य एवं नप की लापरवाही से रात्रि में कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। अहम पहलू यह भी है कि बारिश होने पर सड़क पर कीचड़ हो जाता है, जिससे कालोनी वासी अपने घरों तक भी नहीं पहुंच पाते हैं। कई बार लोग दुर्घटना का शिकार भी हो चुके हैं।

नप व जनस्वास्थ्य विभाग में नहीं तालमेल

वार्ड नंबर-19 की जैन राइस कालोनी में जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से सीवर लाइन बिछाई जा चुकी है, मगर पानी की लाइन नहीं बिछाई गई है। जबकि नप की ओर से कालोनी में सड़कों को बनाने का काम शुरू किया जा चुका है। ऐसे में बनाई गई सड़कों को दोबारा पानी की लाइन बिछाने के लिए उखाड़ना पड़ेगा, जिससे पैसा तो बर्बाद होगा ही साथ ही समय भी दोगुना लगेगा।

कालोनी में बनाई गई तीन सड़कें

कालोनी में तीन सड़कें बनाई गई हैं। कालोनी वासियों का कहना है कि एक सड़क के बनाने पर अनुमानित लागत 20 से 22 लाख रुपये है। कालोनी वासियों का यह भी आरोप है कि ठेकेदार जितनी राशि मिलती है उतनी ही सड़क बनता है, बाकि काम बीच में लटका देता है।