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पहले चरण में ड्राइवर बनने 99 आवेदक आए ही नहीं, अब दूसरा चरण 25 दिसंबर तक चलेगा

रोडवेज में ड्राइवर बनने के लिए प्रदेश भर के युवाओं ने खूब जोश दिखाया। बावजूद इसके भर्ती प्रक्रिया में गैरहाजिर रहने वाले युवाओं की संख्या भी खासी है। हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड की ओर से प्रदेश स्तर पर 2038 ड्राइवरों की भर्ती होनी है। इसके लिए करीब 40 हजार लोगों ने आवेदन फार्म भरा था। इनमें से 11 हजार लोग ही रिटर्न टेस्ट पास कर पाए थे। अब इन सभी लोगों के बस संचालन टेस्ट चल रहे हैं। इनका एक सेंटर झज्जर में भी हैं। यहां पहले चरण की प्रक्रिया में 4 दिसंबर से 15 दिसंबर तक रोजाना टेस्ट चले। यहां कुल 822 आवेदकों को आना था,लेकिन इनमें से 99 गैर हाजिर रहे। जबकि रोजाना 17 के अनुपात में पास हुए। यहां युवाओं से डिग टेस्ट, डग टेस्ट,8- शेप रोड पर बस चलवाकर दिखाई जा रही है। पहले चरण में रोजाना 60 लोगों के टेस्ट हुए। अब 16 दिसंबर से भर्ती प्रक्रिया का दूसरा चरण शुरू हो चुका है,जो 25 दिसंबर तक चलेगा। इसके तहत 60 में से 42 आवेदक ही सके। समूची टेस्ट प्रक्रिया दादरी के जीएम रामकुमार, झज्जर जीएम लेखराज, ट्रेफिक मैनेजर भरतपाल हरियाणा स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड से मंगतराम की देखरेख में चल रही है। इसके अलावा प्रशासनिक अफसर भी पारदर्शिता के लिए यहां सिलसिलेवार चैकिंग करने रहे हैं। डीसी सोनल गोयल, एडीसी सुशील सारवान,झज्जर एसडीएम रोहित यादव,बादली एसडीएम त्रिलोकचंद यहां चुके हैं। 

सीसीटीवी कैमरे से रख रहे हैं भर्ती पर नजर 

^ऐसापहली बार देखने में रहा है कि ड्राइवरों की समूची भर्ती प्रक्रिया जीरो टोलरेंस प्रक्रिया से हो रही है। टेस्ट के दौरान पारदर्शिता रखने के लिए 10 सीसीटीवी कैमरे एक वीडियोग्राफर की व्यवस्था है। -लेखराज,जीएमझज्जर 

8 मार्का टेस्ट में फेल हो रहे हैं 

सबसे ज्यादा आवेदक 

दादरीपरिवहन विभाग के जीएम रामकुमार ने बताया कि ड्राइवर भर्ती टेस्ट के दौरान 8-शेप से रोडवेज बस को निकालना युवाओं के लिए सबसे ज्यादा मुश्किल बन रहा है। मुख्य चार में से तीन टेस्ट तो पास कर लेते हैं,लेकिन इस टेस्ट को ज्यादातर युवा पास नहीं कर पा रहे हैं। वहीं पास हो रहे हैं जिन्हें बस या हैवी व्हीकल चलाने का लंबा अनुभव है। अन्यथा ज्यादातर युवा सिर्फ हैवी व्हीकल लाइसेंस के बल पर ही ड्राइवर बनने के लिए आए हैं,लेकिन सफल नहीं हो पा रहे।