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अनस्किल्ड हाथों में ‘हरियाणा का स्किल’, 990 स्कूलों में 430 फर्जी प्रमाणपत्र वाले शिक्षक

रेवाड़ी. ‘हरियाणा का स्किल’ अनस्किल्ड हाथों में है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में व्यावसायिक प्रशिक्षण देने वाले करीब आधे शिक्षक फर्जी डिप्लोमाधारी हैं। 22 निजी कंपनियाें ने 15% कमीशन लेकर ऐसे शिक्षकों को ट्रेनर के रूप में भर्ती किया है। प्रदेश भर में ऐसे 1125 वोकेशनल टीचर्स एवं ट्रेनर 990 स्कूलों में भर्ती किए, इनमें 430 से ज्यादा के डिप्लोमा मानक के अनुरूप नहीं हैं। हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद शिक्षा सदन पंचकूला की तरफ से जिला स्तर पर एडीसी की अध्यक्षता में बनी कमेटी की रिपोर्ट्स में यह खुलासा हुआ है। इस पर बजाए कार्रवाई के अब विभाग ने नियम ही बदल दिए। 22 जून को सभी एडीसी को पत्र जारी कर कह दिया कि वे भविष्य में ऐसे शिक्षकों की एकेडमिक योग्यता की जांच ना करें केवल अनुभव से जुड़े दस्तावेजों को ही देखेंगे। साथ ही पहले से लगे हुए शिक्षकों का सेवा विस्तारीकरण कर रिपोर्ट भेजने को कहा है।
 
ऐसे हुआ खुलासा
हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद शिक्षा सदन पंचकूला ने 20 मार्च 2017 को जिलों के सभी अतिरिक्त उपायुक्त को पत्र जारी कर 3 साल से लगे वोकेशनल टीचर्स एवं ट्रेनर के सेवा विस्तार हेतु कमेटी गठित की थी। कमेटी में एडीसी, डीईओ, जिला परियोजना संयोजक-सचिव, आउटसोर्सिंग कंपनी ट्रेड एक्सपर्ट को सदस्य बनाया गया। कमेटी ने जब शिक्षकों के सेवा विस्तारीकरण के लिए प्रमाण पत्र जांचने शुरू किए तो फर्जीवाड़ा उजागर होता चला गया।