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शादियों में फिजूलखर्ची रोकेगा राजपूत समाज

 बल्लभगढ़: रानी पद्मावती फिल्म का विरोध करने को लेकर एकजुट हुए राजपूत समाज ने अब समाज में फैली बुराइयों को दूर करने का बीड़ा उठाया है। इसके लिए गांव छांयसा में गंगा सहाय की अध्यक्षता में राजपूत समन्वय समिति के सहयोग से 15 गांव की पंचायत हुई। पंचायत में सर्वसम्मति से विवाह व ब्रह्मभोज पर फिजूलखर्ची पर रोक का फैसला लिया गया।

राजपूत समाज ने सामाजिक बुराइयों को दूर करने राजपूत समन्वय समिति को गठन किया है। समिति शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में पंचायतों का आयोजन कर लोगों को जागरूक कर रही है। इसी के तहत समिति ने विभिन्न संस्थाओं के साथ मिलकर रानी पद्मावती फिल्म का विरोध करने को लेकर समाज को एक मंच पर लाकर खड़ा किया।

अध्यक्ष गंगा सहाय ने बताया कि पंचायत में सभी से विचार विमर्श कर कई फैसले लिए गए, जिसमें मुख्य रूप से विवाह के दौरान दहेज का दिखावा करने को लेकर संबंधित लिस्ट नहीं पढ़ी जाए। डीजे पर रोक लगाई जाए, बुजुर्गों के निधन पर दिए जाने वाले ब्रह्मभोज पर रोक लगाई जाए। अनावश्यक खर्च से बचने के लिए विवाह दिन में किए जाएं। पंचायत में चांदपुर, शाहजहांपुर, फज्जुपुर, अरुआ, साहुपुरा खादर, मोठूका, कौराली, छांयसा, बागपुर, सोलड़ा, राजपुर, शेखपुर, खेड़ली, नरहावली गांवों के लोगों ने भाग लिया।