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3 घंटे में 600 लोगों की आईडी जांची, नहीं मिला वेरीफिकेशन

शहर के छोटूराम नगर में किस संदिग्ध की तलाश में पुलिस की भारी टीम ने रविवार सुबह छह से नौ बजे तक शहर के बाहरी हिस्से में बसी छोटूराम काॅलोनी में पहुंचकर घेराबंदी की इसके बारे में पुलिस ने कुछ नहीं बताया पर इस कार्रवाई में छह सौ लोगों के आईडी प्रूफ की जांच कर ली गई। पुलिस ने तीन घंटे तक चली इस कार्रवाई में नहीं मिला पुलिस वेरीफिकेशन। कोई संदिग्ध भी दिखाई नहीं दिया पर अब यहां के मकान मालिकों द्वारा किरायदारों की जानकारी नहीं देने के मामले में कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। कार्रवाई में पुलिस कर्मचारियों को केवल इतनी जानकारी थी कि सभी घरों में पहुंचकर वहां लोगों के परिचय पत्र आदि की जांच करनी है। इस कार्रवाई को जिस तरह से अंजाम दिया वह इतना गुप्त रखा गया था कि जैसे वे यहां किसी संदिग्ध की तलाश में हैं जो तलाशी अभियान के दौरान काॅलोनी से बाहर जाने का प्रयास करेगा 

किराएदारों की सूची तैयार 

एएसपीलोकेन्द्र सिंह ने बताया कि क्षेत्र में बाहरी लोगों किराएदारों की जानकारी एकत्रित करने के लिए ही अभियान चलाया गया है। अभी तक किराएदारों मकान मालिकों की सूची तैयार की गई है। यह अभियान आगे भी चलेगा। मकान मालिकों को अपने किराएदारों की पुलिस वेरिफिकेशन के आदेश दिए हैं। बहादुरगढ़ में रहने वाले सभी किराएदारों की पहचान जानकारी प्रशासन के पास हो। 

पुलिस देखकर कॉलोनी 

में मचा हड़कंप 

पुलिसप्रवक्ता चमनलाल का कहना है कि सामान्य किराएदारों की पड़ताल के लिए ही यह अभियान चलाया गया है। जिससे बहादुरगढ़ की छोटूराम काॅलोनी में रह रहे सभी प्रवासी लोगों के परिवार, उनके रोजगार तथा रिश्तेदारों के बारे में एक डाटा तैयार किया जा सके। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की कार्रवाई बड़े अधिकारियों से मिले इनपुट के आधार पर की गई है। सुबह जैसे ही पुलिस का भारी अमला काॅलोनी में पहुंचा तो वहां हड़कंप की स्थिति पैदा हो गई। 

किरायदारों की सूची थानों में दें 

यहांरहने वालों में अधिकतर लोगो की संख्या बिहार, बंगाल आसाम की तरफ के लोगों की हैं जो यहां बिना किसी जानकारी के रहते है। इनकी आड़ में कौन संदिग्ध यहां रह कर चला गया उसकी जानकारी के लिए केवल केंद्रीय गुप्तचर विभाग की टीम यहां चक्कर लगाती दिखाई देती है। स्थानीय पुलिस के पास इनकी कोई जानकारी नहीं रहती है। इसी कारण आज जैसे ही लोगों के पहचान पत्रों की जांच करने का सिलसिला शुरू किया तो पुलिस को पता चला कि इन लोगों की जानकारी मकान मालिकों ने पुलिस थानों में नहीं दी है। अब भवन मालिकों से सभी किरायदारों की लिस्ट थानों में देने को कहा है जिससे उनके क्षेत्रों से वेरिफिकेशन कवाई जा सके।