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सेक्टर वासियों को नहीं मिल रही परिवहन सुविधा

, कुरुक्षेत्र :शहर का विस्तार लगातार हो रहा है, लेकिन यातायात सुविधाएं नहीं बढ़ पाई हैं। सेक्टरों में सिटी बस सर्विस चलाने का प्रस्ताव सिरे नहीं चढ़ पाया। शहर के किसी भी बस सेक्टर में बस सुविधा नहीं है, केवल ऑटो ही आने-जाने का सहारा है। कुछ सेक्टरों में तो आटो तक भी सुविधा नहीं है। इनमें सेक्टर-4 व 5 शामिल हैं। बस सुविधा को लेकर सेक्टर वेलफेयर एसोसिएशन कई बार रोडवेज से मांग कर चुकी हैं, मगर रोडवेज ने इस दिशा में कोई कदम नहीं बढ़ाया।

सेक्टर-13 से लेकर सेक्टर-30 व 3 तक आने-जाने के लिए कोई सुविधा नहीं है या तो सेक्टरवासी अपने वाहनों से एक सेक्टर से दूसरे सेक्टर में जाते हैं या फिर ऑटो के जरिए आटो भी केवल उन्हें मुख्य मार्ग पर ही छोड़ते हैं।

कहने को तो रोडवेज की ओर से पिपली से लेकर थर्ड गेट तक सिटी बस सर्विस चलाई हुई है। इनमें महिलाओं के लिए भी अलग से बस है, परंतु सेक्टरों के लिए कोई सुविधा नहीं है। सबसे ज्यादा परेशानी स्कूल व कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को आती है। उन्हें बस अड्डा व रेलवे स्टेशन तक पहुंचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है। खासकर महिलाओं को ज्यादा परेशानी उठानी पड़ती है।

हालांकि शुरूआती तौर पर सिटी बस सर्विस सेक्टरों के लिए शुरू की गई थी। मगर घाटा होने के चलते सिटी बस सर्विस को सेक्टरों से हटाकर पिपली से थर्ड गेट और लाडवा एवं पिहोवा वाले रूटों पर लगा गया।

रोडवेज के यातायात प्रबंधक मेजर ¨सह का कहना है कि शहर में सिटी बस सर्विस सुचारू रूप से चल रही है। महिलाओं के लिए अलग से बस सुविधा भी है। उमरी आइटीआइ को जाने वाली बस सेक्टरों से होकर गुजरती है।

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सेक्टरवासियों को आती हैं परेशानी

सेक्टर-4 निवासी राहुल का कहना है कि यातायात सुविधा न होने के चलते सेक्टरवासियों को सबसे अधिक दिक्कत आती है। पिपली से सेक्टर में आने के लिए कोई साधन उपलब्ध नहीं है। महंगा किराया दे कर लोग सेक्टरों में अपने घरों तक पहुंचते हैं। दूसरी ओर सगे-संबंधियों को अपने रिश्तेदारों के यहां पहुंचने के लिए थ्री व्हीलर वाहन चालकों की मनमर्जी का शिकार होना पड़ता है।

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उमरी चौक पर बसों के ठहराव कर चुके हैं मांग

सेक्टर-3 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान योगेश शर्मा ने बताया कि उमरी चौक पर बसों के ठहराव के लिए वे कई बार जिला प्रशासन व राज्य परिवहन के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं। जीटीरोड से जुडे़ होने के कारण सेक्टर-3 के लोगों को पिपली या नए बस अड्डे से घरों तक पहुंचने के लिए महंगा किराया देकर वाहन पकड़ने पड़ते हैं। रात के समय तो घरों तक पहुंचने में सबसे ज्यादा दिक्कत होती है। प्रशासन को चाहिए कि सेक्टरों में यातायात संसधानों का जल्द प्रबंध करें।

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फाइलों से नहीं निकला प्रस्ताव

सेक्टर-30 रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रधान राजेश सैनी का कहना है कि सेक्टरों में सुविधाएं देने के लिए प्रशासन प्रस्ताव तो तैयार करता हैं, मगर ये प्रस्ताव फाइलों से बाहर नहीं निकलते, जिसका खामियाजा सेक्टरवासियों को भुगतना पड़ता है। सेक्टरों में आवागमन को लेकर जिला प्रशासन की ओर से कोई प्रबंध नहीं किए गए हैं। सेक्टर-30 बस अड्डे व पिपली से काफी दूर पड़ता है। यहां पहुंचने के लिए सेक्टरवासियों को कई गुणा ज्यादा किराया देने के साथ-साथ मुश्किलों से जूझना पड़ता है।

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जीटी रोड से सटे सेक्टरवासियों को ज्यादा परेशानी

सेक्टर-3 निवासी अमित सभ्रवाल का कहना है कि जीटीरोड से सटे होने के कारण यहां के निवासियों को सबसे ज्यादा दिक्कत आती है। राज्य परिवहन की बसों का केवल पिपली में ठहराव है। सेक्टरों में पहुंचने के लिए सबसे ज्यादा थ्री व्हीलरों पर ही निर्भर रहना पड़ता है।