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गोशाला में आलू खाने से गोवंश की मौत, गोरक्षक में रोष

जीटी रोडस्थित मारकंडेश्वर गोशाला में अधिक आलू खाने से हुई दो बैलों की मौत से गो रक्षकों में रोष है। गो सेवक जगराम टिवाणा ने बताया कि वे पिछले दो वर्षों से श्री मारकंडेश्वर गोशाला में निस्वार्थ सेवाकर रहे हैं और इस दौरान गोवंश पर होने वाले अत्याचारों को देखकर अब उन्होंने आवाज उठाने का फैसला किया है। 

जगराम ने बताया कि पिछले कई दिनों से गोशाला में पशुओं को चारा खिलाकर केवल कोल्ड स्टोर से निकला आलू खिलाया जा रहा है और 13 दिसंबर को ज्यादा आलू खाने के कारण दो गोवंश मर गए और मंदिर सभा गोशाला के कर्मचारियों ने उन्हें दफना दिया। 

आरोप है कि गोशाला में खरीदे चारे में भी हेरा-फेरी की जाती है। गो सेवक पार्षद जसबीर सैनी, मेवा सिंह पूर्व सरपंच किशनगढ़, जसपाल सिंह ने गोशाला कमेटी पर गबन के आरोप लगाए। जसबीर सैनी ने कहा कि गोशाला में हर महीने लाखों रुपए गाय की सेवा के नाम पर लोग डकार रहे हैं। जिसके खिलाफ उन्होंने छह दिसंबर को उपायुक्त को शिकायत दी थी, लेकिन कार्रवाई होने के कारण कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इस मौके पर जसपाल, पवन कुमार और अंकित मौजूद थे। 

रखाजाता है पूरा हिसाब : ऋषिमारकंडेश्वर मंदिर सभा के प्रधान ऋषि गंभीर ने बताया कि गोशाला में गोवंश को स्टोर का आलू सीमित मात्रा में खिलाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि गोवंश के मरने का कारण ठंड लगना हो सकता है। उन्होंने कहा कि गोशाला में खरीदे गए चारे की रसीद दी जाती है और जिस जमींदार से चारा खरीदा जाता है उसका फोन नंबर भी दर्ज किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग राजनीतिक कारणों से आरोप लगा रहे हैं। 

अधिकआलू से बन जाता है जहर : पशुचिक्तिसक डॉ. विनोद शर्मा ने बताया कि कोल्ड स्टोर के आलू ज्यादा खाने से पशुओं को अफारा हो जाता है, दस्त लग जाते हैं और यह आलू ज्यादा खाने से जहर भी बन सकता है। उन्होंने बताया कि ठंड लगने से भी पशुओं की मौत हो सकती है।