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फोन के साथ तार रखकर घंटी बजने की प्रतीक्षा

संवाद सहयोगी, डबवाली : बाढ़ नियंत्रण कक्ष में लापरवाही का दौर जारी है। दूसरे दिन कर्मचारी कुर्सी पर बैठा मिला। टेबल पर फोन भी दिखाई दिया। लेकिन फोन से तार नहीं जुड़ी हुई थी। तार को पास में रखकर फोन की घंटी बजने की प्रतीक्षा हो रही थी। तहसील कानूनगो का कहना है कि टेक्निकल फाल्ट है। सोमवार को नया टेलीफोन सैट रखा जाएगा। तार भी जोड़ी जाएगी।तहसील कार्यालय का फोन काफी समय से इलेक्शन कानूनगो के कमरे में पड़ा हुआ था। जैसे ही 2 जुलाई को बाढ़ नियंत्रण के हालातों का समाचार प्रकाशित हुआ तो कानूनगो मनोहर लाल ने ताला तोड़ने के बाद फोन बाहर निकाला। जस का तस टेबल पर रख दिया। फोन चालू करने के लिए केबल थी, लेकिन उसके साथ पिन न होने के बावजूद फोन के साथ रख दिया ताकि प्रतीत हो कि फोन चल रहा है। रविवार को नगरपरिषद कर्मचारी ने डयूटी दी। सुबह 9 से शाम 5 बजे तक पूरा दिन खराब टेलीफोन का दीदार करते रहे। ऐसे में बाढ़ नियंत्रण कक्ष महज खानापूर्ति बनकर रह गया है जिसमें तहसील अधिकारी तथा कर्मचारी मनमर्जी से खेल खेलते नजर आते हैं। गौरतलब है कि मानसून की आहट के साथ ही प्रशासन ने 1 जुलाई से बाढ़ नियंत्रण कक्ष स्थापित किए हैं। पहले ही दिन डयूटी पर तैनात एक कर्मचारी मौका पर सोया हुआ मिला था। जबकि प्रशासन द्वारा बाढ़ रोकने के लिए जारी किया गया फोन नंबर वहां मौजूद नहीं था। कॉल करने पर व्यस्त आता था।