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महिला कांस्टेबल ने फांसी लगाकर की आत्महत्या

गुरुग्राम: शिवाजी नगर थाने में कांस्टेबल के पद पर तैनात शकीला ने शुक्रवार को फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। मौके से सुसाइड नोट मिला है। उसमें अपनी मौत के लिए पति, सास एवं ननद को जिम्मेदार ठहराया है। बजघेड़ा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।

मूल रूप चरखी दादरी जिले के गांव श्यामकलान निवासी शकीला की शादी कई साल पहले दादरी के हरि नगर कॉलोनी निवासी सुनील कुमार से हुई थी। इनका एक 14 वर्ष का बेटा है जो चरखी दादरी में ही 9वीं कक्षा में पढ़ता है। शादी के कुछ वर्ष बाद से ही पति-पत्नी में तकरार शुरू हो गई थी। तलाक का मामला दो साल से अदालत में लंबित है। इस बीच बेटा वरुण अपने पिता के पास चला गया। दो साल से शकीला अकेले ही पालम विहार स्थित सरकारी क्वार्टर में रह रही थी। उसे उम्मीद थी कि बेटा वापस आ जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। शुक्रवार रात उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

शनिवार दोपहर डेढ़ बजे सूचना मिली तो बजघेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके बाद मायके के लोगों को सूचना दी गई। मायके के लोगों के बयान व मौके से मिले सुसाइड नोट के आधार पर पति सुनील कुमार, सास संतोष एवं ननद सुमन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी संजीव ने बताया कि शनिवार को पोस्टमार्टम कराने के बाद आगे की जांच तेज की जाएगी।

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दो साल से चल रहा था तलाक का केस

जागरण संवाददाता, गुरुग्राम: सुसाइड नोट में शकीला ने अपनी जगह बहन सुनीता को नौकरी देने की मुख्यमंत्री, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस महानिदेशक से अपील की है। उन्होंने लिखा है, नौकरी मिलने के बाद उनकी बहन अपने बेटे को सही से पालेगी। नोट में शकीला ने आत्महत्या का रास्ता चुनने के लिए अपने परिजनों से माफी मांगते हुए कहा है कि इसके अलावा दूसरा कोई चारा नहीं था। उनका बेटा ही उनकी ¨जदगी थी। दो साल से वह केवल ¨जदा लाश थी।

अदालत में तलाक का केस दो साल से चल रहा है। केवल तारीख पर तारीख ही मिलती रही। मजबूर होकर आत्महत्या का रास्ता चुनना पड़ा है। इधर शिवाजी थाना प्रभारी राजपाल का कहना है कि वह शकीला द्वारा आत्महत्या करने से हैरान हैं। कभी भी ऐसा नहीं लगा कि वह परेशान चल रही थी। थाने में कभी भी किसी के साथ उसका विवाद नहीं हुआ। वह काफी मिलजुलकर रहती थी