# बयान से पलटे करणी सेना प्रमुख ,पद्मावत देखने से इंकार         # अमेरिका में शटडाउन खत्म, राष्ट्रपति ट्रंप ने साइन किए बिल         # दिल्ली: राजपथ पर फुल ड्रेस रिहर्सल आज, कई जगह मिल सकता है जाम         # सेंसेक्स की डबल सेंचुरी, पहली बार 36000 के पार, निफ्टी ने भी रचा इतिहास         # सीलिंग के विरोध में दिल्ली के सभी बाजार आज रहेंगे बंद         # भारत-पाक बॉर्डर पर तनाव के बीच जम्मू कश्मीर में LOC के आर - पार बस सेवा फिर शुरू         # मिजोरम में शरण लिए म्यांमार के 1400 लोगों का देश लौटने से इनकार         # हरियाणा में सरकारी कर्मचारियों को देना होगा दहेज नहीं लेने का शपथ पत्र         # हरियाणा के कांग्रेस विधायकों को पार्टी फंड के लिए नोटिस         # दिल्ली एनसीआर में मौसम ने ली करवट, हल्की बारिश से ठंड की वापसी        
News Description
रात में रामभरोसे होता है 'आधी आबादी' का सफर

फरीदाबाद : पूरे देश को झकझोरकर रख देने वाले निर्भया सामूहिक दुष्कर्म एवं हत्याकांड को शनिवार पूरे पांच साल हो जाएंगे। देश की राजधानी में हुए इस मामले के बाद पूरे देश में महिलाओं सुरक्षा की व्यवस्था पर नए सिरे से विचार की मांग उठी थी। तब देशभर की पुलिस ने अपने अपने क्षेत्र में महिला सुरक्षा के लिए कदम उठाए। समय बीतने के साथ सबकुछ पीछे छूट गया और महिला सुरक्षा का मुद्दा फिर पुराने ढर्रे पर आ गया है। दैनिक जागरण टीम ने शुक्रवार देर शाम शहर में संवेदनशील जगहों पर जाकर महिला सुरक्षा की ²ष्टि से जायजा लिया। इस दौरान सामने आया कि रात में महिलाओं को सफर रामभरोसे ही करना पड़ता है।

²श्य एक : नीलम चौक

नीलम गोल चक्कर शहर के व्यस्ततम चौराहों में से एक है। इसके आस पास कई कॉरपोरेट कार्यालय, होटल व शोरूम हैं। इनमें देर रात तक काम होता है। रात में महिलाएं इस जगह से ऑटो या अन्य वाहन पकड़कर घर जाती हैं। सबसे बड़ी कमी तो यहां सार्वजनिक परिवहन की है। महिलाओं के पास केवल ऑटो का ही विकल्प बचता है। इसके अलावा वे निजी कैब पर भी निर्भर होती हैं। रात में यहां पुलिस भी नदारद रहती है। इस चौक पर कहीं भी सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, ताकि किसी घटना के बाद तहकीकात में अपराधियों तक पहुंचा जा सके।