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बेटियां लगने लगीं प्यारी, ज्यादा गूंज रही किलकारी

यमुनानगर: लोगों को बेटियां अब प्यारी लगने लगी है। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों की अपेक्षा इस साल लड़कियों की किलकारी घरों में ज्यादा गूंजी। वर्ष 2014 में जिला में एक हजार लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या मात्र 851 थी, जो अक्टूबर में 938 हो गई है। इसी के साथ ही ¨लगानुपात के मामले में यमुनानगर प्रदेश में तीसरे नंबर पर आ गया है। 956 लड़कियों के साथ पानीपत पहले और 936 लड़कियों के साथ सोनीपत दूसरे स्थान पर है। ये आंकड़े बताने के लिए काफी है कि बेटियों को लेकर लोगों की सोच तेजी से बदलने लगी है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी, 2015 को पानीपत जिले से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत की थी। कार्यक्रम में तब नरेंद्र मोदी ने बेटियों की घटती संख्या पर ¨चता जताई थी। 22 जनवरी के बाद प्रदेश में लगातार बेटियों बचाओ को लेकर कार्यक्रम हो रहे हैं। सरकार की इस मुहिम का असर दिखाई भी दिया। वर्ष 2014 में यमुनानगर में एक हजार लड़कों के मुकाबले लड़कियों की संख्या 851 थी। अगले साल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की शुरुआत हुई तो 2015 में लड़कियों की संख्या 872 तक पहुंच गई, जबकि वर्ष 2016 में संख्या 887 हो गई। वर्ष 2017 में अक्टूबर के आखिरी तक लड़कियों की संख्या 935 दर्ज की गई।

बेटियों की संख्या बढ़ने का सिलसिला नवंबर में भी जारी रहा। जो ताजा आंकड़े सामने आए हैं, उसमें लड़कियों की संख्या बढ़ोतरी दर्ज की गई है। सीएमओ कार्यालय के मुताबिक नवंबर में लड़कियों की संख्या 936 से 938 हो गई है।