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पीयू-तकनीकी विवि मुरथल जीजेयू की तर्ज पर केयू में भी सप्ताह में 5 दिन पढ़ाई की तैयारी

कुरुक्षेत्रयूनिवर्सिटीने सप्ताह में पांच दिन की पढ़ाई करवाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए केयू की डीन कमेटी ने अपनी सिफारिशें दे दी हैं। अब इन सिफारिश का प्रस्ताव बनाकर केयू की आगामी कार्यकारिणी परिषद ईसी की बैठक में रखने की उम्मीद है। जिसमें केयू में सप्ताह में पांच शिक्षण दिवस को लेकर अंतिम फैसला होगा। 

अब तक प्रदेश की तकनीकी यूनिवर्सिटी मुरथल और जीजेयू हिसार में ही पांच शिक्षण दिवस हैं। केयू प्रदेश की पहली गैर तकनीकी यूनिवर्सिटी होगी जिसमें सप्ताह में पांच शिक्षण दिवस होंगे। इससे यूनिवर्सिटी हर महीने चार कार्यदिवस में खर्च होने वाली बिजली की बचत कर पाएगी। वहीं पांच शिक्षण दिवस करवाना केयू शिक्षक संघ की सबसे बड़ी डिमांड में शामिल है। 

सभीपहलुओं पर चर्चा कर सौंपी रिपोर्ट : पांचशिक्षण दिवस मामले को लेकर गठित कमेटी की चेयरपर्सन डीन प्रो. मंजुला चौधरी ने बताया कि सभी डीन ने पांच शिक्षण दिवस अपनाने वाले आईआईटी, तकनीकी यूनिवर्सिटी और गैर तकनीकी पंजाबी यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ का अध्ययन किया। उन्होंने बताया कि पांच शिक्षण दिवस करने से बिजली की बहुत बचत होगी। इसके साथ ही शिक्षकों को शोधकार्य करने का भी अधिक अवसर मिलेगा। प्रो. मंजुला ने कहा कि कमेटी ने अपनी रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी है। 

कमेटी की सिफारिश पर होगी कार्रवाई 

केयूप्रवक्ता डॉ. अशोक शर्मा ने बताया कि कुटा की मांग पर प्रशासन ने पांच दिनों के शिक्षण को लेकर डीन कमेटी गठित की गई थी। जिसकी रिपोर्ट केयू प्रशासन को सौंपी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अब इस रिपोर्ट पर नियमानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। जिसके बाद इस मामले में अंतिम फैसला होगा। 

केयू कैंपस में कुल 13 हजार विद्यार्थी 

कुरुक्षेत्रयूनिवर्सिटी कैंपस के 48 विभागों में 13 हजार विद्यार्थी पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में इन सभी विद्यार्थियों को पांच शिक्षण दिवस होने पर शनिवार रविवार को यूनिवर्सिटी नहीं आना पड़ेगा। वहीं केयू शिक्षकों का वर्कलोड जोकि प्रोफेसर एसोसिएट प्रोफेसर के लिए 14 घंटे असिस्टेंट प्रोफेसर के लिए 16 घंटे प्रति सप्ताह है। उसे भी पांच दिनों के अनुसार तैयार किया जाएगा। 

कुटा की मांग पर कई माह पहले बनी कमेटी 

कुरुक्षेत्रयूनिवर्सिटी शिक्षक संघ कुटा की मांग पर केयू प्रशासन की ओर से कई महीने पहले केयू के सभी डीन की कमेटी गठित की गई थी। इस कमेटी ने प्रदेश की तकनीकी यूनिवर्सिटी, आईआईटी और पंजाब यूनिवर्सिटी चंडीगढ़ सहित कई यूनिवर्सिटी में चल रहे पांच शिक्षण दिवस का अध्ययन किया। इतना ही नहीं कमेटी ने पांच शिक्षण दिवस के आर्थिक फायदे भी बताए हैं। डीन कमेटी ने अपनी पांच शिक्षण दिवस करने की रिपोर्ट केयू कुलपति को सौंप दी है। जिसपर अंतिम फैसला ईसी की बैठक में लिया जाएगा। 

यह होगा फायदा : कुटाप्रधान डॉ. संजीव शर्मा सचिव डॉ. नरेश ने बताया कि 5 शिक्षण दिवस होने से शिक्षकों को शोध के अधिक अवसर मिलेंगे। अब तक शिक्षकों को सप्ताह में 6 दिन कक्षाएं लेनी पड़ती हैं। इस कारण वे लैब में जाकर काम नहीं कर पाते। डॉ. संजीव ने कहा कि केयू में नॉन टीचिंग कर्मियों का भी फाइव डे वीक है। ऐसे में शिक्षक शनिवार को कर्मचारियों के होने से प्रेक्टिकल भी नहीं करवा पाते। कहा कि यूजीसी का साल में 180 दिनों की पढ़ाई का नियम है। जो 5 शिक्षण दिवस में भी पूरा होता है। डीन कमेटी ने 5 दिनों का शिक्षण कार्य को लेकर रिपोर्ट प्रशासन को सौंप दी है। वहीं केयू कुलपति भी इस मामले को लेकर पूरी तरह सकारात्मक हैं।