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किसान आधुनिक सिंचाई प्रणाली को अपनाएं : डॉ. बीरेंद्र

नूंह : सचाई के कम होते संसाधनों को ध्यान में रखते हुए वर्तमान समय में किसानों को सूक्ष्म ¨सचाई प्रणाली को अपनाना चाहिए। इसमें टपका ¨सचाई प्रणाली व ड्रि¨पग सिस्टम से किसान पानी की बचत के साथ स्वयं का मुनाफा कमा सकते हैं।

जिला बागवानी अधिकारी डा. बिरेंद्र ¨सह हुड्डा ने बताया कि वर्तमान समय में सरकार सूक्ष्म ¨सचाई प्रणाली के लिए अनुदान राशि भी दे रही है। ऐसे में लोगों को जागरूक होने की जरूरत है। इस दौरान उन्होंने नेटाफिम ड्रिप ¨सचाई वैन को हरी झंडी दिखाई। यह वैन आगामी समय में जिले के हर गांव में जाकर लोगों को ड्रिप ¨सचाई प्रणाली अपनाने के लिए जागरूक करेगी। जिससे जिले की 336 पंचायतों में लोगों को ड्रिप प्रणाली से होने वाले लाभ बताए जाएंगे। उन्होंने बताया कि वैसे तो विभिन्न प्रकार की कंपनियां ड्रिप प्रणाली के लिए कार्य कर रही है। लेकिन नेटाफिम उनमें सबसे अलग है। जोकि जिले के लोगों को पानी के अभाव में खेती करने के नए प्रयोग व ड्रिप प्रणाली के बारे में जागरूक कर रही है। इस मौके पर जिला बागवानी विकास अधिकारी डा. अब्दुल रज्जाक, जिला सलाहाकार अधिकारी डा. नितेश कुमार ने बताया कि आज दुनिया के सभी मुल्कों में पानी का अभाव होता जा रहा है।

ऐसे में किसानों को उस कमी से उबरने के लिए ड्रिप प्रणाली को अपनाना चाहिए। अभी तक जिले के सैकड़ों फल व सब्जी का उत्पादन करने वाले किसानों ने इस प्रणाली को अपनाया है।