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बीएसएनएल अधिकारी व कर्मचारी दूसरे दिन की हड़ताल पर

 

बीएसएनएल के अधिकारी व कर्मचारी दूसरे दिन भी हड़ताल पर रहे। कर्मचारी सुबह अपने समय पर कार्यालय जरूर पहुंचे, लेकिन कार्यालय खोलकर बाहर धरने पर बैठ गए। इस दौरान उपभोक्ताओं को मायूस ही वापस लौटना पड़ा।

नेशनल फेडरेशन आफ टेलीकॉम इंप्लॉइज यूनियन के जिला अध्यक्ष देशराज शर्मा ने कहा कि इस हड़ताल का समर्थन अधिकारियों से लेकर कर्मचारी सभी ने किया है। उन्होंने कहा कि यह उनकी मुख्य मांग है कि तीसरा वेतन संशोधन एक जनवरी 2017 से जारी करते हुए 15 प्रतिशत लाभ दिया जाए। इसके अलावा सभी भत्ते भी दिए जाएं। देशराज ने कहा कि सरकार बीएसएनएल का निजीकरण करना चाहती है और कर्मी इसके विरोध में हैं। कर्मचारियों व अधिकारियों की मांग है कि सहायक टावर कंपनी का गठन नहीं किया जाए। इसके अलावा उनकी जो भी पुरानी मांगे लटकी हुई हैं उन्हें पूरा किया जाए। देशराज ने कहा कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जातीं तो वे दोबारा अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर हो जाएंगे और इससे बीएसएनएल का जो भी नुकसान होगा वह सरकार की जिम्मेदारी होगी। वहीं दूसरी ओर न तो बीएसएनएल के लैंडलाइन से जुड़ी शिकायतें हल हो पाई और न ही मोबाइल से जुड़ी हुई। लिहाजा नया नंबर व लैंडलाइन कनेक्शन लेने के लिए उपभोक्ताओं को कनेक्शन नहीं मिल पाए। कस्टमर केयर भी बंद रहने से उपभोक्ताओं की समस्याओं का निदान नहीं हो सका। वहीं रोशन लाल, जसबीर ¨सह, सुखदेव राज सैनी, धर्मवीर, जिले राम, देवेंद्र शर्मा, जगजीत ¨सह, रामकुमार, विनोद कुमार, बोती देवी, अनीता भार्गव, शालिनी अग्रवाल व अजैब ¨सह धरने पर रहे।