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क्लिनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में सेवाएं ठप रखेंगे चिकित्सक

यमुनानगर : क्लीनिकल इस्टेब्लिशमेंट एक्ट 2010 के विरोध में 15 दिसंबर को जिले के सभी निजी अस्पताल व क्लीनिक बंद रहेंगे। अस्पतालों के सभी डॉक्टर अवकाश रखेंगे। सुबह छह रात 12 बजे तक अस्पताल में कोई भी कार्य नहीं किया जाएगा।

आपातकालीन सेवाएं भी बंद रहेंगी। यह फैसला बुधवार को जिमखाना क्लब में हुई आईएमए (इंडियन मेडिकल एसोसिएशन) की बैठक में लिया गया। बैठक की अध्यक्षता प्रधान डॉ. धीरेंद्र कुमार सोनी ने की। इस दौरान केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों को उपचार दिया जाएगा। आइएमए के प्रधान डॉ. डीके सोनी व राज्य स्तीय कमेटी के सदस्य डॉ. राजन शर्मा ने बताया कि वर्ष 2010 में रही केंद्र सरकार ने क्लीनिकल इस्टेब्लिश्मेंट एक्ट लागू किया था, जिसके लागू होने से छोटे अस्पतालों एवं क्लीनिक्स को नुकसान होने के एवज में मार्च 2014 में प्रदेश सरकार ने एक अपना क्लीनिकल इस्टेब्लिश्मेंट एक्ट जारी किया था। उस एक्ट में कुछ कमियों के चलते अक्टूबर 2015 में सरकार ने आइएमए के प्रदेश स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ मशवरा करके उसमें बदलाव लाते हुए दोबारा लागू किया था। आइएमए का कहना है कि प्रदेश सरकार अब फिर से 2010 में केंद्र सरकार द्वारा बनाया गया क्लीनिकल इस्टेब्लिश्मेंट एक्ट लागू करने की सोच रही है, अगर यह एक्ट लागू हो गया, या तो आधे से ज्यादा छोटे अस्पताल और क्लीनिक बंद हो जाएंगे या उनको चलाने के लिए इलाज महंगा करना पड़ेगा, जिससे नुकसान मरीजों को ही होगा।

इस एक्ट के विरोध में उन्होंने सीएम, स्वास्थ्य मंत्री, स्पीकर सहित अनेक मंत्रियों व विधायकों को ज्ञापन देकर एक्ट को लागू न करने को लेकर बातचीत की।

लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिसको लेकर अब उन्होंने 15 दिसंबर को अस्पताल व क्लीनिक बंद करने का फैसला लिया है। जिसमें जिले के लगभग सौ अस्पतालों के दो सौ डॉक्टर ने सहमति जताई है। मौके पर डॉ. योगेश ¨जदल, डॉ. हर्ष शर्मा, डा. विजय गुप्ता, डॉ. ऋतू मग्गो, डॉ. नवीन सब्बरवाल, डॉ. संजीव, डॉ. नरेंद्र कश्यप, डॉ. रंगीलाल आदि मौजूद रहे।