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बेटा-बेटी के बीच करें भेदभाव, अभिभावक संवेदनाओं का ध्यान रखें’

बालकल्याण परिषद जींद की ओर से बुधवार को शिक्षा भारती सीनियर सेकंडरी स्कूल छातर में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता प्राचार्य अजीत गौतम ने की। इस दौरान जिला बाल कल्याण अधिकारी अनिल मलिक ने कहा कि लैंगिक भिन्नता की जड़ें बचपन से ही पड़ने लगती हैं। जिस परिवार में अभिभावक, परिवार के बुजुर्ग अपनी बातों के माध्यम से लड़कियों को कम आंकने लगते हैं या लड़कियों की परवरिश बोझ समझकर करते हैं। 

दूसरी ओर लड़कों को जिम्मेदार, भविष्य में परिवार की जिम्मेदारी उन पर, रोटी कमाने वाला, ऐसी बातों से ही लैंगिक असमानता की जड़े मजबूत होने लगती है। अब समय बदल रहा है संवेदनशील नजरिये से सोचना होगा। अभिभावकों को बेटे और बेटियों के बीच भेदभाव नहीं करना चाहिए। बच्चों से बातचीत के दौरान अपनी संवेदनाओं का ध्यान रखें। किसी भी तरह की भेदभावपूर्ण बातचीत करें। इस मौके पर सदस्य नीरज कुमार, सुमित, प्रदीप, अंकित, रामधन, प्रदीप, पवन, राकेश कुमार मौजूद रहे।