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दादा ने देखे सपने, पोते ने साकार किया

फतेहाबाद :वर्षो पहले की बात है। उन दिनों सिरसा जिलांतर्गत गांव शक्कर मंदौरी में रहते थे रामचंद्र सहारन। परिवार के साथ जब बैठते थे तो यही चर्चा करते कि काश उनके घर का कोई सदस्य सेना का बड़ा अफसर होता। कालांतर में उनके दोनों बेटे लीलाधर और हेतराम सहारन फतेहाबाद शहर आ गए। इस दौरान रामचंद्र सहारन परलोक सिधार गए। लेकिन लीलाधर के इकलौते बेटे मनदीप के दिलोदिमाग पर दादा जी की कही बातें छायी हुई थीं। वक्त आया और पोते ने अपने दादा के सपने को साकार कर दिखाया।

जी हां, सुंदर नगर निवासी व रोडवेज से इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त लीलाधर सहारन की इकलौती संतान मनदीप सहारन अब देश की सेवा करेंगे। कंप्यूटर सांइस में बीटेक मनदीप सहारन की नियुक्ति भारतीय थल सेना में लेफ्टिनेंट पद पर मेरठ हुई है। मूल रूप से सिरसा के गांव शक्कर मंदौरी के रहने वाले लीलाधर व उसके भाई सभी सरकारी नौकरी में उच्च पदों पर है, लेकिन मनदीप तो मानो दादा के सपने को पूरा करने का ध्येय ही बना चुका था। इकलौता पुत्र होने के बावजूद परिवार के सदस्यों ने भी उसे सेना में जाने के लिए प्रेरित किया।

मनदीप ने यहां के डीएवी स्कूल से बारहवीं की परीक्षा पास करके गुरुग्राम के एक संस्थान के बीटेक की। इसके बाद उन्होंने थल सेना की सीडीएस यानी कम्बाइंड डिफेंस सर्विस परीक्षा पास कर आईएमए देहरादून में डेढ़ साल की कठिन ट्रे¨नग पास की। और बतौर लेफ्टीनेंट थल सेना में शामिल हो गए। मनदीप ने इस सफलता का श्रेय अपने माता इंद्रा सहारन, पिता लीलाधर व ताऊ हेतराम सहारन व ताई पुष्पा सहारन, भाई संजय, भाभी सोनाली भादू व बहन शिल्पा सहारन को दिया है।

मनदीप ने बताया कि उसके दादा रामचंद्र सहारन का सपना था कि कोई बड़ा अधिकारी सेना में बने। उन्होंने अपने दादा के सपने को पूरा किया है।

--कई कंपनियों की नौकरी के साथ रेलवे की नौकरी छोड़ी

मनदीप को बीटेक करने के बाद कई कंपनियों में नौकरी के ऑफर आए, लेकिन उन्होंने लाखों रुपये के पैकेज ठुकरा दिए। इसके बाद रेलवे व हरियाणा सरकार की एक नौकरी के लिए टेस्ट पास हो गए, लेकिन उन्होंने थल सेना के लिए उक्त नौकरी छोड़ दी। वैसे मनदीप सहारन कृषि विभाग से इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त अपने ताऊ हेतराम सहारन व ताई पुष्पा सहारन से बहुत ज्यादा प्रभावित हैं। मनदीप का कहना है कि उसके ताऊ ने इस उपलब्धि को हासिल करने में हर कदम पर उसका साथ दिया।

-- पूरे देश में 409 युवकों ने सीडीएस की परीक्षा पास की। जिसमें से 58 युवक हरियाणा के हैं। मनदीप सहारन फतेहाबाद व सिरसा जिले से अकेला ऐसा युवक है जिसने ने सीडीसी की परीक्षा पास कर थन सेना में लेफिनेंट का पद हासिल किया है। मनदीप को मेरठ में पहली नियुक्ति मिली है।