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सूरजमुखी बेचने के लिए भटक रहे किसान

अंबाला शहर : सूरजमुखी की खेती किसानों के लिए जी का जंजाल बन गई है। सुबह ट्रैक्टर ट्रॉली में सूरजमुखी भर कर बेचने के लिए आते हैं और खरीद न होने पर शाम को घर लेकर जाते हैं। मंडी में हैफेड के अधिकारी कहते हैं कि उनका नाम राजस्व विभाग की लिस्ट में नहीं हैं, जिन्होंने सूरजूमुखी की खेती है। इस पर वे जवाब देते हैं कि राजस्व विभाग की गिरदावरी में उनका नाम चढ़ा हुआ है, फिर इस रिकॉर्ड से कैसे गायब हो गया, तो कर्मचारी कोई जवाब नहीं देते हैं।

डीसी कार्यालय पर पहुंचे राज्यमंत्री नायब ¨सह सैनी के हलके किसानों का कहना था कि डीसी उन्हें पुन: सर्वे कराने का आश्वासन दे रहे हैं, लेकिन उन्हें समझ नहीं आ रहा कि तब वह फसल का सबूत दिखाने के लिए अपने खेत खाली रखें या धान की रोपाई करें, जबकि वे पटवारी की गिरदावरी की फर्द हाथ में लिए घूम रहे हैं।

जब अफसर ही कोई हल नहीं निकाल रहे हैं, तो फिर वह कहां जाएं, जबकि सरकार किसान हितैषी होने का दावा करती है। किसानों के मुताबिक रिकॉर्ड से किसानों के नाम निकालने वाले लोगों पर कार्रवाई की जानी चाहिए। राजस्व विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत से वे लोग फायदा उठा रहे हैं, जिन लोगों ने सूरजमुखी की खेती नहीं की थी। उनका कहना है कि अपना अनाज बेचने के लिए किसान जाम लगाएं या धरना दें, तो उनको गलत ठहराया जाएगा।