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बडेसरा के तालाबों के गंदे पानी से बीमारियां फैलने की आशंका

डेसरा के ग्रामीण पशु पालक बीते दो माह से अधिक समय से तालाबों में गंदे पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। ग्रामीणों ने इस बारे में जिलाधीश को भी समस्या के निवारण की मांग की थी लेकिन आज तक समस्या ज्यों की त्यों हैं। 

ग्रामीण सुभाष बागड़ी ने बताया कि सितंबर माह में जुई फीडर के टूटने के कारण गांव के खेतों में पानी भर गया और खेतों के रास्ते वह पानी गांव के तालाबों में इकट्ठा हो गया। उन्होंने बताया कि गांव से धनाना रोड पर हाई स्कूल के सामने गढ़ी बागड़ी पानी में बने दो तालाबों में गंदा पानी जमा होने के कारण पशुओं को पानी पीने तक की समस्या हो रही है। इस गंदे पानी को पीने के कारण पशुओं के बीमार होने की भी संभावना बनी हुई है। 

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ग्रामीणसुभाष बागड़ी, विजेंद्र, प्रदीप, रामफल, महेंद्र, जोरा, हरीपाल ने बताया कि ये तालाब लगभग दो हजार से अधिक परिवारों के पशुओं के पानी पीने नहलाने के काम आते हैं। उन्होंने बताया कि तालाबों में जमा गंदे पानी के कारण पशुओं के स्वास्थ्य पर विपरीत प्रभाव भी पड़ सकता है। उन्होंने बताया कि ठंड के मौसम में यदि इस गंदे पानी को प्रशासन तालाब से बाहर निकलवा दे तो ग्रामीण पशुओं को गर्मियों के समय साफ पानी मिल सकेगा। इससे पशुओं को पीने को स्वच्छ पानी मिलेगा और पशुपालकों को पशुओं के बीमार होने से निजात भी। 

ग्रामीणों ने बताया कि गांव के पशुओं को पानी पिलाने को इन तालाबों पर ले जाते हैं। इस पानी को पीने के कारण पशु बीमार हो रहे हैं। इसके साथ ही दुधारू पशुओं के दूध देने की क्षमता में भी गिरावट रही है।