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हल्के की समस्याओं से जानबूझकर अंजान हैं हाकिम

 पानीपत : रोम जल रहा था और नीरो बंसी बजा रहा था। कुछ ऐसा ही हाल अपने शहर के हाकिमों का भी है। कदम दर कदम समस्याएं झेल रही आवाम की आवाज या तो हाकिमों के कानों तक पहुंच नहीं रही या वह जानबूझ कर अंजान हैं।

चांदनी बाग थाने से बलजीत नगर नाका चौकी तक बनी सड़क को ही ले लें। लगभग एक पखवाड़ा पूर्व बनकर तैयार हुई सड़क की परतें उखड़ने लगी हैं। सड़क का निर्माण करा रहे ठेकेदार ने अपनी करनी को छिपाने के लिए सड़क पर तीन जगहों पर मलबा डालकर इसे बंद कर दिया है। यह किसके इशारे पर हुआ, इस सवाल का जवाब किसी के पास नहीं। नतीजा यहां से गुजरने वाले वाहन चालकों की मुसीबत हो गई। विकल्प के तौर पर कोई अन्य मार्ग नहीं मिलने पर जिसे जहां रास्ता मिल रहा है, वहीं से निकल रहा है। असर यह हो रहा है कि पहले ही जाम का दंश झेल रहीं शहर की सड़कें समस्या से और ज्यादा हांफने लगी हैं। जनता के सवालों की फेहरिस्त लंबी है, मगर जवाब किसी के पास मौजूद नहीं है। जरा-जरा से मसलों पर खुद को जनता के मसीहा कहलाने वाले जनप्रतिनिधियोंकी चुप्पी भी इस मामले में समझ से परे है।

तीन महीने से थाना चांदनी बाग से लेकर बलजीत नगर नाका चौकी तक सेक्टर-25 के एक तरफ के हाईवे की खोदाई कर जनस्वास्थ्य विभाग ने सीवर की सफाई की थी। अब एक सप्ताह ही इस सड़क का निर्माण कराया था कि बजरी उखड़ने लगी। ठेकेदार ने मनमर्जी करते हुए इसी सड़क को ऊझा मोड़ से लेकर बलजीत नगर नाका चौकी के बीच में 150 मीटर के बीच में तीन फीट मलबा डालकर बंद कर दिया। यहां पर कार्य के बारे में कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। वाहन चालक गलत दिशा से दौड़ रहे हैं। इससे हादसे हो रहे हैं।

ठेकेदार की इस करतूत के बारे में स्थानीय पार्षद, नगर निगम व पुलिस के आला अधिकारियों को भी जानकारी नहीं है। हो क्यों, उन्हें लोगों की परेशानी से क्या मतलब है। दैनिक जागरण की टीम ने बुधवार को 11:12 से 11:58 बजे तक मौके पर पहुंचकर सड़क का जायजा लिया तो वाहन चालकों की तकलीफ सामने आई