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मरीज से फीडबैक फॉर्म भरवाएंगे अस्पताल , शिकायत पर होगी कारवाई

पानीपत : निजी अस्पतालों की मनमानी पर अंकुश लगाने के लिए हरियाणा सरकार ने क्लीनिकल इस्टैब्लिशमेंट एक्ट लगाने की तैयारी कर ली है। इधर सरकारी अस्पतालों में पर्याप्त इलाज, सफाई व्यवस्था और डॉक्टर और कर्मचारियों के व्यवहार को जांचने के लिए मरीजों से फीडबैक प्रोफार्मा भरवाने का निर्णय लिया गया है। अस्पताल से डिस्चार्ज होते समय मरीज को नौ बिंदुओं वाला फार्म भरकर देना होगा। मरीजों ने शिकायत की तो विभाग जांच कर, एक्शन लेगा।

सिविल अस्पताल में आने वाले मरीजों से फीड बैक फॉर्म भरवाया जाएगा। पंजीकरण विंडो और ओपीडी में 30 मिनट से अधिक, 10 से 30 मिनट, 5 से 10 मिनट, 5 मिनट के अंदर या तुरंत नंबर आ गया। पंजीकरण काउंटर पर पर्याप्त जानकारी मिल सकी या नहीं, काउंटर पर कर्मचारियों का व्यवहार कैसा रहा। ओपीडी में डॉक्टर ने कैसा व्यवहार किया। परामर्श से कितने संतुष्ट हैं। शौचालय आदि की सफाई, प्रयोगशाला में जांच, अल्ट्रासाउंड-एक्स-रे की उपलब्धता, काउंटर पर दवा के लिए कितनी देर कतार में रहना पड़ा और दवाओं की उपलब्धता आदि बिंदू फीड बैक फॉर्म में शामिल हैं। इन प्वाइंटों के जवाब में मरीज को असंतोषजनक, संतोषजनक, अच्छा, बहुत अच्छा, उत्कृष्ट या कोई टिप्पणी नहीं में से किसी एक पर निशान लगाना होगा। अनेक मरीजों ने किसी डॉक्टर के परामर्श और व्यवहार पर सवाल उठाए तो विभाग इसकी रिपोर्ट मुख्यालय भेजेगा। इस स्थिति में उक्त डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई भी हो सकती है।

स्वास्थ्य विभाग ने अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से यह पहल शुरू की है। स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर नोडल अधिकारी, क्वालिटी मैनेजर समेत पूरी टीम बनाई गई है। टीम सदस्य ओपीडी में आने वाले तथा इंडोर मरीजों का रेंडम सर्वे करेंगे।