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महेशनगर में अब शेष अतिक्रमण पर कार्रवाई की बारी, एनएचएआइ पर पक्षपात का आरोप

अंबाला : महेशनगर में अतिक्रमण मामले में अगली सुनवाई 29 जनवरी को है। इससे पहले प्रशासन द्वारा उन शेष बचे अतिक्रमण को हटाया जाना है जिन्हें अतिक्रमण पर 21 नवंबर की प्रशासनिक कार्रवाई के दौरान राहत मिल गई थी। हालांकि, 29 नवंबर को हुई सुनवाई के दौरान प्रशासन से शेष अतिक्रमण पर कार्रवाई की स्टेटस रिपोर्ट न्यायालय द्वारा मांगी गई है। प्रशासन अब इन दुकानदारों पर कार्रवाई को लेकर प्रक्रिया शुरू कर चुका है। कई दुकानदारों ने अपने स्तर पर कितना अतिक्रमण हटाया है इसकी भी पैमाइश की जा रही है। लंबित अतिक्रमण से जुड़े दुकानदारों में से कुछ दुकानदार प्रशासन की पैमाइश को लेकर अभी संतुष्ट नहीं हैं। जो इस मामले में एनएचएआइ पर रसूखदार लोगों के अतिक्रमण पर कार्रवाई को लेकर पक्षपात का आरोप लगा रहे हैं।

नेशनल हाईवे संख्या 444-ए पर अतिक्रमण के इस केस में एलपीए (पुनर्विचार आवेदन) नंबर 444, 465, 466, 467, 627, 633, 695, 751,835, 870 व 999 आफ 2015 का मामला विचाराधीन होने के चलते राहत मिली हुई थी। हालांकि, अब इन मामलों में भी अगली तारीख से पहले कार्रवाई तय मानी जा रही है। एलपीए से जुड़े करीब 15 दुकानदार हैं जिन पर कार्रवाई की जानी है। हालांकि, कुछ दुकानदारों ने अपने स्तर पर अतिक्रमण हटा भी लिया है, जिनके हटाए गए अतिक्रमण की प्रशासन ने पैमाइश भी की है।

पैमाइश में बार बार हो रहा बदलाव

दुकानदार हरमीत ¨सह के मुताबिक नेशनल हाईवे अथॉरिटी द्वारा अतिक्रमण को लेकर पहले जो पैमाइश हुई हैं उनमें कई लोगों का अतिक्रमण ज्यादा था। इन लोगों ने अपना अतिक्रमण हटाया भी नहीं है और अब यह अतिक्रमण कम बताया जा रहा है। जबकि इस मामले में कुछ खास लोगों का अतिक्रमण ही कम हुआ है और बाकी दुकानदारों को कोई राहत नहीं मिली है। एनएचएआइ की यह पैमाइश उनके समझ से परे है। अतिक्रमण के निशान कहीं लगाए गए हैं और कई दुकानदारों ने उस निशान तक हटाया भी नहीं है। अतिक्रमण को लेकर निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए।